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बादाम से फल-फूल रहा है कश्मीर में आतंकवाद, 21 हजार करोड़ का है सालाना कारोबार

मनीष शुक्ला, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 15 , 2017 , 16:59 IST | श्रीनगर

कश्मीर में आतंकियों की फंडिंग के लिए बादाम के कारोबार का सहारा लिया जा रहा है। जो बादाम हमारी सेहत को मजबूत करने में मदद करती है उसी बादाम के ज़रिए कश्मीर घाटी में आतंकवाद की सेहत को मजबूत किया जा रहा है। इस कारोबार को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए भी चौकन्नी हो गई है।

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जांच एजेंसी एनआईए की जांच में पता चला है कि टेरर फंडिंग के लिए दुपट्टों और कपड़ों के बाद अब बादाम गिरी (कैलिफोर्निया बादाम) के कारोबार को जरिया बनाया जा रहा है।

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एनआईए के छापे में हुआ खुलासा

कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए बादाम गिरी के कारोबार को जरिया बनाए जाने के गोरखधंधे में जांच एजेंसी एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून ( UAPA ) के तहत एक केस दर्ज किया है और उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सलामाबाद इलाके के व्यापार सुविधा केंद्र पर छापे मार कर इसका खुलासा किया है।

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जम्मू जिले के पुंछ जिले में भी इसी तरह के छापे मारे गए हैं। एनआईए ने जो छापे मारे हैं उसमें जब्त दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। जांच एजेंसी को अपनी पड़ताल में कई अहम जानकारियां मिली है और एजेंसी के उच्च सूत्रों के मुताबिक बादाम गिरी के कारोबार के जरिये आतंवादियों को आर्थिक मदद किये जाने का मामला साफ तौर पर नज़र आया है।

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21 हजार करोड़ का हुआ है बादाम का कारोबार

सूत्रों के मुताबिक पिछले दस सालों में सलामाबाद और उरी के बीच 21 हज़ार करोड़ रुपये और चाकन द बाग़ और पुंछ के बीच तकरीबन 6700 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। जांच एजेंसी एनआईए की पड़ताल में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इस कारोबार की तकरीबन 400 से 500 करोड़ रुपये की रकम आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की गई है।

पाकिस्तान के कृषि विभाग से मिली अहम जानकारियां

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार कारोबार समझौते के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और पाक सीमा के उत्पादों की अदला-बदली का नियम है। इनमें पाक अधिकृत कश्मीर में उगाई जाने वाली बादाम गिरी भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को पाकिस्तान के कृषि विभाग से भी कई अहम जानकारियां मिली हैं।

250 रुपये किलो वाली बादाम बिक रही है 600 रुपये किलो

सूत्रों के मुताबिक 250 से 300 रुपये किलो के हिसाब से बिकने वाले बादाम को 600 से 650 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा जा रहा है। इसी भारी मुनाफे का बड़ा हिस्सा आतंकवाद को पनपने के लिए खर्च किया जा रहा है। यही वजह है कि कश्मीर घाटी में कई कारोबारी भी जांच एजेंसी एनआईए की राडार पर हैं और आने वाले समय में एनआईए कई ऐसे कारोबारियों को अपनी गिरफ्त में ले सकती है जिनके जरिये आतंकवादी मुहिम को मजबूत किया गया है।

एनआईए के विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कैलिफोर्निया बादाम (बादाम गिरी) मंगाने की आड़ में वहां से टेरर फंडिंग के तौर पर बड़ी रकम कश्मीर आई है। सलामाबाद और चकन-दा-बाग इलाके में मौजूदा व्यापार सुविधा केंद्रों के जरिये यह गैरकानूनी काम चल रहा है। इससे पहले कपड़ों और दुपट्टों के कारोबार के जरिये टेरर फंडिंग होती थी।

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