नेशनल

कश्मीर घाटी में पिछले 3 सालों में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं: रिपोर्ट

मनीष शुक्ला, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
222
| अगस्त 2 , 2017 , 19:15 IST | नयी दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार भले ही दावा करती आ रही हो कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद कम हो रहा है और इस समस्या पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा लेकिन सरकारी आंकड़े इसके उलट ही कहानी बयां कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में कश्मीर घाटी में दर्ज़ की गई आतंकी घटनाओं की बात करें तो वर्तमान सरकार आतंकी घटनाओं पर नकेल कस पाने के मामले में कमजोर दिखाई पड़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कश्मीर घाटी में पिछले तीन वर्षों में आतंकवादी हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। 

दरअसल, कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाओं के मामले में संसद सदस्य नरेश अग्रवाल ने बुधवार को सदन में अपने लिखित सवाल के जरिए गृह मंत्रालय से यह पूछा कि क्या यह सच है कि कश्मीर घाटी में आतंकवादी घटनाओं में पहले के मुकाबले 50 गुना तक बढ़ोतरी हुई है? साथ ही सांसद नरेश अग्रवाल ने पिछले 05 सालों में घाटी में हुई आतंकवादी घटनाओं का ब्यौरा भी मांग लिया। 

Police-jammu-kashmir

इसके जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने अपने लिखित जवाब के जरिए सदन को यह बताया कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य आतंकवादी हिंसा से प्रभावित रहा है जिसे सीमा पार से प्रायोजित किया जाता है और समर्थन दिया जाता है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के भीतरी क्षेत्रों में आतंकवादी हिंसा का रास्ता सीमा पार से घुसपैठ से जुड़ा हुआ है। 

Ahir11

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कश्मीर घाटी में पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष में हुई आतंकी हिंसा की घटनाओं का ब्यौरा दिया। गृह मंत्रालय ने अपने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2014 में आतंकवादी हिंसा की घटनाओं के कुल 222 मामले दर्ज किए गए थे जबकि वर्ष 2015 में 208 मामले और वर्ष 2016 में कुल 322 मामले दर्ज किए गए। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक चालू वर्ष 2017 की 23 जुलाई तक 184 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 

Jammu-kashmir-encounter

वहीं गृह मंत्रालय ने अपने लिखित जवाब में सदन को जानकारी देते हुए बताया कि कश्मीर घाटी में 2014 में 47 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए जबकि वर्ष 2015 में 39 जवानों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा वहीं वर्ष 2016 में 82 जवान शहीद हुए जबकि चालू वर्ष 2017 की 23 जुलाई तक 38 जवान शहीद हुए। वहीं गृह मंत्रालय के आंकड़ों अनुसार वर्ष 2014 में 110, वर्ष 2015 में 108, वर्ष 2016 में 150 आतंकवादी मारे गए जबकि चालू वर्ष 2017 की 23 जुलाई तक 109 आतंकियों को मार गिराया गया है।


कमेंट करें