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रक्षाबंधन पर 'चंद्र-ग्रहण' का साया, जानिए कब क्या होगा?

पीटीआई भाषा | 0
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| अगस्त 4 , 2017 , 13:01 IST | नई दिल्ली

भारत में सात अगस्त को चंद्रमा पृथ्वी की छाया में होगा और इस दिन आंशिक चंद्रग्रहण होने जा रहा है। यह खगोलीय दृश्य भारत समेत दुनिया के कई देशों से नजर आएगा।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण होगा जिसमें ग्रहण की अवधि 1.57 घंटे होगी। अगला चंद्रग्रहण 31 जनवरी, 2018 को लगेगा, जो पूर्ण चंद्रग्रहण होगा और भारत में देखा जा सकेगा।

मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में दिल्ली के समयानुसार रात 10.52 बजे चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़नी शुरू हो जाएगी। 11.50 बजे ग्रहण चरम पर होगा। इसके बाद पृथ्वी की छाया चद्रंमा से छंटनी शुरू हो जाएगी। 12.49 बजे पृथ्वी की छाया से मुक्त हो जाएगा। छाया वाला यह ग्रहण प्रच्छाया कहलाता है।

7 अगस्त को चंद्रमा का आंशिक ग्रहण प्रारंभ होगा, जो भारतीय मानक समय के अनुसार 22.52 से शुरू होगा और 8 अगस्‍त को 00-49 तक जारी रहेगा। अधिकतम ग्रहण के दौरान चंद्रमा का केवल एक छोटा अंश ही पृथ्वी की छाया के दायरे में आएगा। यह आंशिक ग्रहण भारत के सभी स्थानों से दिखाई देगा।

अधिकारी ने बताया कि यह चंद्रग्रहण पश्चिमी प्रशांत महासागर, ओशिनिया, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका,यूरोप और अंटार्कटिका क्षेत्र में दिखाई देगा।

संपूर्ण आंशिक चंद्रग्रहण मध्य और पूर्वी अफ्रीका, मध्य रूस, चीन, भारत, सुदूर पूर्व और ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों से दिखाई देगा। उत्तर प्रशांत महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर से चंद्रग्रहण-केंद्रबिंदु के प्रारंभिक चरण देखे जा सकेंगे।

अफ्रीका के उत्तर पश्चिमी भाग, स्पेन के पूर्वी भाग, फ्रांस और जर्मनी से चंद्रग्रहण-केंद्रबिंदु के अंतिम चरण देखे जा सकेंगे।

च्ंद्र ग्रहण का प्रारंभ 7 अगस्‍त को रात 22 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर इसकी समाप्‍ति 8 अगस्‍त रात 12 बजकर 49 पर होगी ।

ग्रहण का परिमाण 0.251 है जो चंद्रमा का व्यास 1.0 के अनुरूप लिया गया है।

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क्या है चूड़ामणि चंद्रग्रहण?

7 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है और इसदिन ही साल 2017 का दूसरा चंद्रग्रहण भी लग रहा है, ऐसे चंद्रग्रहण को चूड़ामणि कहते हैं और इसी कारण का इस विशेष महत्व भी है। राखी के दिन ही चंद्र ग्रहण आने का यह मौका 12 साल बाद आया है।

क्या करें उपाय?

इस दिन प्रत्येक व्यक्ति को अपनी शक्ति के मुताबिक दान-पुण्य करना चाहिए इससे उसे काफी आर्थिक लाभ मिलता है, हो सके तो इस दिन किसी भूखे को भोजन कराएं, पुण्य हासिल होगा।

कहां-कहां दिखेगा ग्रहण:

भारत समेत यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, पूर्वी दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, अंटार्कटिका में की ज्यादातर एरिया में । इस ग्रहण की अवधि 5 घंटे एक मिनट होगी आंशिक ग्रहण की अवधि 1 घंटे, 55 मिनट है। 


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