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भोपाल में खुला देश का पहला थर्ड जेंडर कम्युनिटी टॉयलेट, ये हैं सुविधाएं

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 3 , 2017 , 17:38 IST | भोपाल

मध्यप्रदेश की राजधानी में शायद देश का पहला ऐसा शौचालय बना है, जो थर्ड जेंडर (किन्नर) के लिए है। मंगलवारा क्षेत्र के करीब बने इस शौचालय का गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किन्नरों को आवास निर्माण के लिए केंद्र सरकार के अनुदान के अलावा राज्य सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार शीघ्र ही किन्नर पंचायत का आयोजन करेगी। किन्नर देश के सम्मानित नागरिक हैं। प्रदेश सरकार उनका पूरा सम्मान करती है। सकारात्मक कार्यो में उनकी सेवाओं का उपयोग सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि समाज में किन्नरों की सार्थक भूमिका सुनिश्चित की जाएगी। स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए प्रदेश में किन्नरों का सहयोग लिया जाएगा। कुपोषण को दूर करने और बेटी बचाओ अभियान के संदेश को भी सर्वव्यापी बनाने में किन्नर समुदाय का सहयोग लिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नर समुदाय को बदनाम करने वाले अवांछनीय तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के लिए प्रशासन को निर्देशित किया जाएगा। इस मौके पर किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों मंगलवारा के उस्ताद सुरैया नायर और बुधवारा की पल्लवी नायर को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया ।

नगर निगम भोपाल द्वारा बनवाया गया जनसुविधा केंद्र देश एवं प्रदेश में इकलौता समावेशी जनसुविधा केंद्र है। इसमें एक ही परिसर में अलग-अलग प्रवेशद्वार से महिला, पुरुष, दिव्यांग व थर्ड जेंडर के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।

- इस टॉयलेट में किन्नरों के लिए मेकअप और चेंजिंग रूम की सुविधा दी गई है।
- नगर निगम भोपाल का बनाया गया ये टॉयलेट देश और स्टेट में अपने आप में यूनिक और इकलौता पब्लिक यूटिलिटी सेंटर है।
- इसमें एक ही परिसर में अलग अलग गेट से महिला, जेंट्स और थर्ड जेंडर के लिए फैसिलिटी दी गई है।
- देश का यह पहला ऐसा टॉयलेट है जहां लेडिस, जेंट्स और थर्ड जेंडर के लिए अलग- अलग टॉयलेट हैं।
- यहां तीनों वर्ग के दिव्यांग के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।
- इस टॉयलेट को यूज करने वालों के फीडबैक लेने के लिए मशीन भी लगाई गई है।
- इस समावेशी (Inclusive) टॉयलेट को बनाने के लिए नगर निगम ने 30 लाख रुपए खर्च किए हैं।
- सीएम हाउस पर किन्नरों की प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए अलग से पंचायत भी बुलाई जाएगी।


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