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जानवरों के दर्द को बयां करने वाली इस तस्वीर ने जीता वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी अवॉर्ड

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 8 , 2017 , 17:56 IST | बांकुरा

इन सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें जानवरों के दर्द को बयां किया गया है। इस तस्वीर में हाथी और उसका बच्चा आग से भागते दिख रहे हैं। हाथी के बच्चे के पैर में तो आग भी लग गई है। घबराता हुआ वो मासूम बच्चा अपनी मां के पीछे भागने की कोशिश कर रहा है। आपको बता दें कि इस तस्वीर को खींचने वाले फटॉग्रफर विप्लव हाजरा को इस साल का सैंक्चुअरी वाइल्डलाइफ फटॉग्रफी अवॉर्ड मिला है।

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में ली गई इस तस्वीर में एक हाथी का बच्चा आग की लपटों में घिरा है और वह अपनी मां के साथ अपनी जान बचाकर भाग रहा है। फोटोग्राफर बिप्लव हाजरा ने इसे ‘हेल इज हेयर’ यानी ‘नर्क यही है’ टाइटल दिया है। यह तस्वीर भारत में इंसानों और हाथियों के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले एनजीओ सैंक्चुअरी नेचर फाउंडेशन हर साल यह वाइल्डलाइफ फटॉग्रफी का अवॉर्ड देता है।

सैंचुरी वाइल्डलाइफ मैगजीन द्वारा आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में अवॉर्ड देते समय इस तस्वीर के बारे में कहा कि पश्चिम बंगाल के बांकुरा में हाथियों पर यह अत्याचार आम है। इसके अलावा असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में के कई हिस्सों में भी हाथियों को ऐसे ही प्रताडि़त किया जाता है। पर्यावरण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में बताया था कि अप्रैल 2014 से मई 2017 के बीच करीब 84 हाथियों को मार दिया गया। हाथी अपने दातों की वजह से शिकारियों के निशाने पर रहते हैं।

फोटो में दिखाई दे रहा है कि हथिनी और उसका बच्चा लोगों की भीड़ द्वारा फेंके गए बम और पटाखों से बचते नजर आ रहे हैं। फोटो में हथिनी भाग रही है और पीछे लगभग आग में लिपटा उसका बच्चा चिल्लाता हुआ पीछे-पीछे भाग रहा है। फोटो में पीछे लोगों की भीड़ भी दिखाई दे रही है।


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