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Good News - बाल विवाह रोकने के लिए बिहार में पंडित करेंगे लड़की की उम्र सर्टिफाइड

शाहनवाज़ ख़ान , ब्लॉगर | 0
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| अक्टूबर 7 , 2017 , 19:02 IST | पटना

बाल विवाह और दहेज़ प्रथा के खिलाफ बिहार सरकार ने कमर कस ली है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नें गांधी जयंती के अवसर पर कहा था कि जैसे बिहार ने शराबबंदी के खिलाफ शपथ ली वैसे ही हमें बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी एकजुट होना होगा, अब बिहार में नहीं कोई बेटी जलेगी और ना ही बाल विवाह होगा।

इस दिशा में बिहार सरकार नें एक नया क़दम उठाया है। विवाह की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पंडित को यह अंडरटेकिंग देना होगा की उनके द्वारा कराई गयी शादी पूर्णतया कानून के दायरे में हुई है और उसमे दुल्हन की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है।

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने यह फैसला लिया है की उनका कोई कार्यकर्त्ता ऐसे किसी विवाह के कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा जहां दुल्हन 18 वर्ष से कम की हो या जहां दहेज़ लिया गया हो। दोनों बुराइयों के विरुद्ध मुख्यमंत्री के अभियान की शुरुआत के साथ जदयू भी पूरे राज्य में जन जागरण अभियान चलाएगा।

गौरतलब है की बाल-विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त राज्यव्यापी महाअभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के बापू सभागार में 2 अक्तूबर को किया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बाल-विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए जागरूकता रथ और कला जत्था को झंडी दिखाई थी। ये दोनों पूरे राज्य का भ्रमण कर लोगों को दहेज और बाल विवाह के कुप्रभावों के प्रति लोगों को जागरुक करेंगे और शपथ दिलाएंगे।

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शराबबंदी के बाद समाज सुधार की दिशा में बढ़ाया गया राज्य सरकार का यह बड़ा कदम है।

कुछ वर्ष पहले तक बिहार में होने वाले कुल विवाह में से करीब 69 प्रतिशत बाल विवाह होते थे। लेकिन हाल ही में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 में खुलासा हुआ कि लड़कियों की शिक्षा पर जोर के कारण पिछले 10 सालों में यह आंकड़ा घटा है। 


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