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एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल, जग में रह जाएंगे प्यारे तेरे बोल (बर्थडे स्पेशल-मुकेश)

आरती यादव, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 22 , 2017 , 13:02 IST | मुंबई

शनिवार 22 जुलाई बॉलीवुड के महान गायक मुकेश माथुर का जन्मदिन है। मुकेश का जन्म 22 जुलाई 1923 को दिल्ली में हुआ था। मुकेश के पिता जोरावर चंद्र माथुर इंजीनियर थे। मुकेश उनके 10 बच्चों में छठे नंबर पर थे। मुकेश ने दसवीं तक पढ़ाई कर पीडब्लूडी में नौकरी शुरू की थी। लेकिन मुकेश की किस्मत कुछ और ही चाहती थी और मुकेश देश की मायानगरी मुंबई आ गए।

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मुकेश को बॉलीवुड में दर्द भरे नगमों के लिए पहचाना जाता है। मुकेश को एक बड़ा गीतकार बनाने में चरित्र अभिनेता मोतीलाल का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मशहूर अभिनेता मोतीलाल ने मुकेश को अपनी बहन की शादी में गाते हुए सुना। मोतीलाल ने मुकेश के टैलेंट के पहचाना और मोतीलाल को मुंबई ले आए। वहीं अपने घर में रहने की जगह दी। साथ ही मुकेश के लिए संगीत रियाज का पूरा इन्तजाम भी किया।

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मुकेश ने करियर की शुरुआत फिल्म 'निर्दोष' से शुरु की है। फिल्म 'निर्दोष' में मुकेश ने अभिनय के साथ-साथ सभी गाने भी खुद गाए। फिल्म 'निर्दोष' के अलावा मुकेश ने 'माशूका', 'आह', 'अनुराग' और 'दुल्हन' में भी बतौर अभिनेता काम किया। इससे पता चलता है मुकेश एक शानदार गायक के साथ एक बेहतरीन एक्टर भी थे।

मुकेश ने बॉलीवुड में गायिकी की शुरुआत गाने 'दिल ही बुझा हुआ हो तो' से की थी। इसके बाद मुकेश ने 'दोस्त-दोस्त ना रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'कहता है जोकर', 'दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई', 'आवारा हूं', 'मेरा जूता है जापानी' जैसे हिट गाने गाए।

मुकेश की पर्सनल लाइफ भी बहुत दिलचस्प थी मुकेश को एक गुजराती लड़की सरला से प्यार हो गया था। मुकेश उसी से शादी करना चाहते थे। लेकिन दोनों परिवार में इसका विरोध हुआ। लेकिन मुकेश ने हार नही मानी और सभी बंधनों को तोड़ कर अपने जन्मदिन के दिन 22 जुलाई 1946 को सरल के साथ शादी के अटूट बंधन में बंध गए। मुकेश के एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटे का नाम नितिन और बेटियां रीटा व नलिनी हैं।

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आपको बता दें कि मुकेश फिल्मफेयर पुरस्कार पाने वाले पहले पुरुष गायक थे। उन्हें फिल्म 'अनाड़ी' से 'सब कुछ सीखा हमने', 1970 में फिल्म 'पहचान' से 'सबसे बड़ा नादान वही है', 1972 में 'बेइमान' से 'जय बोलो बेईमान की जय बोलो' के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया। फिल्म 1974 में 'रजनीगंधा' से 'कई बार यूं भी देखा है' के लिए नेशनल पुरस्कार, 1976 में 'कभी कभी' से 'कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है' के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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मुकेश 27 अगस्त, 1976 को सब को छोड कर चले गए। मुकेश का निधन अमेरिका में एक स्टेज शो के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हुआ। मुकेश उस समय गा रहे थे- 'एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल, जग में रह जाएंगे प्यारे तेरे बोल'।

यहां सुनिए मुकेश के दिल को छू जाने वाले गीत 

 


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