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रातों-रात महंगा हुआ टमाटर, जल्द 100 रुपए किलो हो सकते हैं दाम!

icon कुलदीप सिंह | 0
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| जून 28 , 2017 , 20:04 IST | नयी दिल्ली

टमाटर एक बार फिर लोगों के खाने का ज़ायका बिगाड़ सकता है। दरअसल दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में टमाटर की कीमतों में रातों-रात तीन से चार गुने की बढ़ोत्तरी हुई है। जो टमाटर खुदरा बाजार में 10 से 15 रुपए प्रति बिक रहा था, वहीं टमाटर अब बाजार में 60-70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। टमाटर विक्रेताओं का कहना है कि आने वाले समय में टमाटर की कीमत 100 रुपए प्रति किलो तक जा सकती है। 

टमाटर क्यों हुआ महंगा ?

लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्पादक राज्यों में टमाटर की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार का कहना है कि बारिश के चलते उत्तर भारत के राज्यों में टमाटर के करीब 70 फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है। आजादपुर मंडी के टमाटर व्यापारी समिति के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने बताया कि टमाटर की आवक में 50 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है।

टमाटर पर सरकार की नज़र?

टमाटर जहां खाने की स्वाद को बिगाड़ सकता है, वहीं सरकार की भी बेचैनी बढ़ सकती है।टमाटर की कीमतों में इजाफे को लेकर केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सरकार टमाटर पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि टमाटर की कीमत में बढ़ोत्तरी एक मौसमी वजह है। इसके लिए उन्होंने बारिश को जिम्मेदार ठहराया। खाद्य मंत्री ने कहा ने कहा कि चूंकि टमाटर महंगी और जरूरी खाद्य वस्तु है इसलिए सरकार इस पर जरूरी नजर बनाए हुए है।

हालांकि हॉर्टिकल्चर बोर्ड के अनुसार इस साल टमाटर के रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है। अनुमान है कि देश में कुल 187 लाख टमाटर की उपज होगी, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है।

सरकार पहले से नहीं थी सतर्क?

सबसे बड़ा सवाल उठता है कि सरकार टमाटर और सब्जियों के उचित भंडारण की व्यवस्था क्यों नहीं करती है। पिछले दिनों महाराष्ट्र, झारखंड और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में किसान उचित मूल्य नहीं मिलने के चलते सैकड़ों टन टमाटर सड़कों पर फेंक दिए। किसानों को 50 पैसे प्रति किलो टमाटर बेचने को मजबूर थे, लेकिन वही टमाटर आज 70 रुपए प्रति तक पहुंच गया है।

केंद्र और राज्य सरकारें अगर टमाटर के भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था की होती तो शायद आज की कीमत आसमान में नहीं होती।


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कुलदीप सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में कार्यकारी संपादक हैं

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