नेशनल

महज 18 की उम्र में फांसी पर चढ़ने वाले महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस को नमन

ललिता सेन | 0
216
| अगस्त 11 , 2017 , 15:06 IST | नयी दिल्ली

आजादी की लड़ाई के महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस आज ही के दिन शहीद हुए थे। खुदीराम बोस को महज 18 साल की उम्र में फांसी पर चढ़ा दिया गया था। खुदीराम बोस को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित केन्द्रीय कारा में फांसी दी गयी थी। खुदीराम हंसते-हंसते फांसी पर झूल गये थे। आज खुदीराम को उनकी पुण्यतिथि के मौके पर देश याद कर रहा है।

इस मौके पर मुजफ्फरपुर केन्द्रीय कारा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिस स्थल पर खुदीराम बोस को फांसी दी गयी थी, उसी जगह पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। साल 1908 में 11 अगस्त के दिन खुदीराम बोस शहीद हुए थे। उनकी शहादत को देखकर देश के युवाओं में आजादी की एक ललक उत्पन्न हो गई थी, जिससे स्वाधीनता आंदोलन को नया बल मिला।

23

3 दिसंबर 1889 को बंगाल में जन्मे खुदीराम बोस बंगाल विभाजन(1905) के बाद स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े थे। सत्येन बोस के नेतृत्व में खुदीराम बोस ने अपना क्रांतिकारी जीवन शुरू किया था।

खुदीराम नें नौवीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी और मातृ भूमि की रक्षा के लिए निकल पड़े। वह बाद में रेवलूशन पार्टी के सदस्य भी बने।

1

खुदीराम को पुलिस ने 28 फरवरी 1906 को सोनार बंगला नाम का एक इश्तेहार बांटते समय गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उस वक्त खुदीराम मौका देखकर भागने में कामयाब हो गए थे।1907 में बंगाल के नारायणगढ़ रेलवे स्टेशन पर किए विस्फोट की घटना में भी खुदीराम बोस शामिल थे।

Bose feature

30 अप्रैल, 1908 को खुदीराम और उसके साथी ने किंग्सफोर्ड को मारने के लिए उसकी बग्गी पर बम फेंक दिया था। किंग्सफर्ड बग्गी में मौजूद नहीं था उसकी जगह एक अंग्रेज अधिकारी की पत्नी और बेटी थीं। जिनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद खुदीराम को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उन्हें फांसी की सजा दे दी थी।


कमेंट करें