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मुस्लिम पर्सनल लॉ की शिकार बनी कानपुर की ये महिला, पति ने दिया स्पीड पोस्ट से तलाक

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 5 , 2017 , 16:33 IST | कानपुर

देश भर में मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के विरोध में लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। अब कानपुर की आलिया सिद्दकी अपने सरकारी आधिकारी पति के खिलाफ खुलकर सामने आई हैं। आलिया का आरोप है कि उनके पति ने स्पीड पोस्ट से भेजकर तलाक दिया है।

बता दें कि नासिर के साथ आलिया का निकाह 23 नवंबर 2016 को इलाहाबाद में हुआ था। आलिया का आरोप है कि उनके पति लेबर कमिश्नर नासिर ने निकाह की शाम को ही पहला तलाक दे दिया था।

उनका सवाल है कि आखिर जब निकाह में मुस्लिम समाज के इतने ज्यादा लोग हिस्सा लेते हैं, तो तलाक इनसे पूछे बगैर क्यों दे दिया जाता है। तलाक के बाद आलिया अपना खुद का कारोबार करके जीवनयापन करती हैं और नासिर फिलहाल बिजनौर में लेबर कमिश्नर के पद पर तैनात हैं।

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दहेज के कारण नासिर ने दी तलाक

आलिया का आरोप है कि उसके पति पहले से ही शादीशुदा थे। नासिर ने निकाह के दिन दहेज की मांग की, लेकिन वहां पर किसी तरह मना लिया गया। उसी दिन शाम को बिदाई हुई और आलिया अपने पति के साथ अपने ससुसराल छिबरामऊं के लिए रवाना हो गईं।

आलिया का कहना है कि उनके पति को दहेज में स्विफ्ट डिजायर कार दी गई थी, जबकि उनके पति फॉर्च्यूनर की मांग पर अड़े थे। आलिया का यह भी आरोप है कि उनके पति उच्च जाति से आते हैं, लेकिन पिछड़े वर्ग कोटे से सरकारी नौकरी कर रहे हैं। उनका कहना है कि सर्विस रूल्स और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी एक समय में एक से ज्यादा पत्नियां नहीं रख सकता है।

सीएम योगी और गवर्नर से लगाई थी गुहार

तीन तलाक के खिलाफ पीड़ित महिला आलिया यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गवर्नर और श्रम मंत्री को पत्र लिखकर गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन उनकी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

ससुराल से धक्के मारकर निकाल दिया

आलिया ने बताया कि जब उन्होंने शादीशुदा होने की बात पूछी और विरोध किया, तो उनको (आलिया) दो महीने बाद ही ससुराल से धक्के मारकर निकाल दिया गया। उनके सारे गहने भी ले लिए गए। इसके बाद वह अपने मायके आ गईं।

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