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सीरिया पर हमला करने के बाद ट्रंप ने कहा-ये 'राक्षस' के अपराध की सजा है

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 14 , 2018 , 19:13 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद शनिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर हमले शुरू कर दिए। ट्रंप ने सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार द्वारा खुद के लोगों पर किए गए रासायनिक हमले को राक्षस का अपराध बताते हुए इसे बर्बर और क्रूर कहा।

हमले में सीरिया की राजधानी दमिश्‍क में विस्‍फोटों की आवाजें सुनाई दीं। ट्रंप ने कहा, ब्रिटेन और फ्रांस के संयुक्‍त हमला जारी था। वे सीरिया को केमिकल हमले के प्रयोग को रोकने के लिए तैयार थे। बता दें कि इन तीन सहयोगी देशों का ऑपरेशन सीरिया में जहरीली गैस से 60 लोगों की मौत के बाद हुआ है। इस हमले के बाद अमेरिका और रूस के बीच और तनाव बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अहम घोषणा की। उन्होंने कहा- अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में बशर अल असद की सरकार के खिलाफ सैन्य हमले शुरू किए हैं। ट्रंप ने युद्धग्रस्त देश पर अपने ही लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। इस बीच चीन ने सीरिया में एयरस्ट्राइक पर नाराजगी जताई है। चीन एन कहा है कि सीरिया पर सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं।

ट्रंप ने कुछ समय पहले व्‍हाइट हाउस से टीवी पर संबोधित करते हुए कहा, ‘मैंने संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका की सशस्‍त्र सेनाओं को सीरिया के तानाशाह बशर अल असद की केमिकल हथियारों की क्षमता पर हमले का आदेश दिया है।’ एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया हमले में कई जगह निशाना बनाई गई और इसमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइले शामिल थीं।

यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने असद के केमिकल हथियारों के संदिग्‍ध उपयोग का जिक्र करते हुए कहा,” ये इंसान का काम नहीं है। ये एक राक्षस का अपराध है।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने असद सरकार का समर्थन कर रहे रूस और ईरान की भी कड़े शब्‍दों में आलोचना की है। ट्रंप ने कहा, ” मैं ईरान और रूस से पूछना चाहता हूं कि किस प्रकार के देश को सहयोग करना चाहिए निर्दोष लोगों, महिलाओं और बच्‍चों के सामूहिक नरसंहार में?

ब्रिटेन की पीएम थेरेसा में ने कहा कि उन्‍होंने ब्रिटेन की आर्म्‍ड फोर्सेस को को-ऑर्डिनेट करके चिन्‍हित ठिकानों पर हमले करने के लिए अधिकृत किया है, ताकि सीरियाई सरकार की केमिकल हमले की क्षमता नष्‍ट की जाए। उन्‍होंने कहा कि सेना की कार्रवाई सीरिया के सिविल वार में हस्‍तक्षेप करना नहीं है या इसे बदलना नहीं है।

फ्रांस के प्रेसिडेंट इम्‍मैन्‍युएल मैक्रां ने कहा कि फ्रांस अमेरिका और ब्रिटेन के साथ सीरिया के खिलाफ जारी हमले में शामिल हुआ है। इसका लक्ष्‍य सीरिया सरकार की रसायनिक हथियार बनाने और केमिकल हथियारों का उपयोग पर हमला करना था। सीरियाई सेना की रिपब्‍ल‍िकन गार्ड और 4 डिविजन, सीरियन मिलिट्री की एलीट यूनिट्स पर हमले किए गए हैं।


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