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सीएम शिवराज के गांव में 2 किसानों ने की खुदकुशी, 8 दिन में 13 ने की आत्महत्या

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 19 , 2017 , 21:22 IST | सीहोर

मध्यप्रदेश में कर्ज और सूदखोरों से परेशान होकर किसानों की आत्महत्या का सिलसिला जारी है। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जनपद सीहोर और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र विदिशा में एक-एक किसान ने आत्महत्या कर ली।

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8 दिन में 13 किसान कर चुके हैं आत्महत्या

वहीं हरदा में एक किसान ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की। राज्य में आठ दिन के भीतर 13 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जनपद सीहोर में एक और किसान ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सीहोर में पिछले आठ दिनों के दौरान यह चौथे किसान ने खुदकुशी की है। पुलिस के अनुसार, दोहरा थाना क्षेत्र के जिमोनिया खुर्द में बंशीलाल (54) ने सोमवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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परिजनों के मुताबिक,

बंशीलाल के पास नौ एकड़ जमीन है और उस पर बैंक और सूदखोर का नौ लाख रुपये से ज्यादा कर्ज था। उसी के चलते बंशीलाल ने आत्महत्या की है

दोहरा थाने के प्रभारी मुन्ना लाल चौधरी ने कहा कि,

बंशीलाल ने आत्महत्या की है, मगर कारण क्या है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। जहां तक कर्ज से परेशान होने की बात है, तो वह जांच के बाद ही पता चलेगा

पेड़ से लटकता हुआ मिला शव

वहीं विदिशा जिले के करारिया थाने के सायर बमौरा गांव के जीवन सिंह (35) का सोमवार को खेत पर लगे पेड़ पर लटकता हुआ शव मिला। थाना प्रभारी रचना मिश्रा के मुताबिक, उसका अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, और वह रात को ही घर से चला गया था। संभव है कि उसने पारिवारिक तनाव के चलते यह कदम उठाया हो। वहीं गांव के लोग जीवन पर कर्ज होने की बात कह रहे हैं।

इसके अलावा सोमवार की सुबह हरदा जिले के हंडिया थाना क्षेत्र के बेड़ी गांव के मुरलीधर बेलदार (25) को कीटनाशक पीने पर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हंडिया थाने के प्रभारी सिद्धार्थ प्रियदर्शन ने बताया कि मुरलीधर ने कीटनाशक पिया है, विस्तृत ब्यौरा अभी नहीं मिल पाया है। मगर घरेलू विवाद को आत्महत्या की कोशिश की वजह बताया जा रहा है।

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6 जून से किसान कर रहे हैं आंदोलन

राज्य में किसानों ने कर्जमाफी और उपज के उचित मूल्य देने की मांग को लेकर एक से 10 जून तक आंदोलन किया था। इस दौरान मंदसौर में छह जून को पुलिस की गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गई। किसानों को अपनी मांगों पर सरकार की तरफ से अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। गोलीकांड के बाद से किसानों में आत्महत्या का दौर चल पड़ा है।

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