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500 और 2000 के नोट पर संसद में घमासान, विपक्ष ने शताब्दी का सबसे बड़ा घोटाला बताया

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 8 , 2017 , 15:44 IST | नयी दिल्ली

दो तरह के नोटों की छपाई को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को भारी हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) 500 रुपये के दो तरह के नोट छाप रहा है। सिब्बल ने एक प्लेकार्ड पर चिपकाए गए दो तरह के नोट दिखाते हुए कहा, "आरबीआई दो तरह के नोटों की छपाई कर रही है। इनके आकार और डिजाइन अलग हैं..यह कैसे संभव है?"

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विमुद्रीकरण 'इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है'। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ' ब्रायन, जनता दल-यूनाईटेड नेता शरद यादव और समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले को उठाने में कांग्रेस नेताओं का साथ दिया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हमने भी शासन किया, लेकिन कभी भी दो तरह के नोट नहीं छापे, एक पार्टी के लिए, एक सरकार के लिए - दो तरह के 500 रुपये के नोट, और दो तरह के 2,000 रुपये के नोट।

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हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्रियों ने यह मुद्दा शून्य काल में और व्यवस्था के प्रश्न के तौर पर उठाए जाने का विरोध किया। सदन के नेता अरुण जेटली ने विपक्ष पर सदन में हर रोज ऐसे 'बेकार' मुद्दे उठाने का आरोप लगाया। हंगामा न रुकते देख सभापति ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी लेकिन जब कार्यवाही फिर शुरू हुई, तब कांग्रेस सदस्य सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सभापति के आसन तक पहुंच गए।

संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अगर सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं तो वे इसके लिए नोटिस दे सकते हैं। नकवी ने कहा, "आपको जवाब मिलेगा।"

हालांकि, इसके बावजूद विपक्ष के नेता नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।


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