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रोहिंग्या मुस्लिम और गौरी लंकेश की हत्या पर UN ने की मोदी सरकार की आलोचना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 12 , 2017 , 20:33 IST | नई दिल्ली

यूएन मानवाधिकार परिषद ने एक बार फिर मोदी सरकार की आलोचन की हैं। सोमवार को यूएन मानवाधिकार के प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे, गाय के नाम पर हिंसा और हाल ही में हुई पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की हैं। यूएन मानवाधिकार के प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने मोदी सरकार के रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने के प्रयासों की आलोचना की हैं।

यूएन मानवाधिकार के प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने कहा रोहिंग्या मुसलमानों को वापस  भेजने का प्रयास अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रावधानों के हिसाब से उचित नहीं हैं। उन्होंने भारत में धार्मिक मामले, अल्पसंख्यकों के प्रति असहिष्णुता, गाय के नाम पर हिंसा जैसे मसलो पर चिंता जताई हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हाल ही में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से भी मैं बहुत आहत हूं।

जैद ने गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के उस बयान की भी आलोचना की है जिसमे रिजिजू ने कहा था कि भारत रिफ्यूजी कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने वाला देश नहीं है इसलिए भारत इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय कानून से हटकर काम कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संघ के प्रमुख के अनुसार रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का प्रयास अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रावधानों के हिसाब से उचित नहीं हैं।

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आपको बता दे कि भारत में 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं इनमें से 16 हजार लोगों ने शरणार्थी दस्तावेज भी हासिल कर लिये हैं। कर्नाटक में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर भारत के 12 शहरों में विरोध प्रदर्शन आयोजित हुए इसीलिए जैद ने इस बात पर राहत जताई हैं। जैद ने कहा कि म्यांमार में अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा और अन्याय ‘‘नस्ली सफाये’’ की मिसाल मालूम पड़ती है।


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