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पुराने और बेकार बंदूकों के भरोसे है यूपी पुलिस, कैसे करेगी आतंकियों का मुकाबला

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 24 , 2017 , 12:27 IST | लखनऊ

उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है, तब से ही आतंकियों के निशाने पर यूपी हिट लिस्ट में आ गया है। कई बार इंटेलिजेंस इंपुट भी मिले हैं कि आतंकी यूपी के कई शहरों को निशाना बनाने की फिराक में हैं। ऐसे आपको जानकर हैरानी होगी कि देश के सबसे बड़े सूबे की पुलिस ऐसे आतंकियों का मुकाबला करने के लिए ऐसे हथियारों का इस्तेमाल करती है जिसे आज से 20 साल पहले ही बेकार घोषित कर दिया गया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि प्रदेश में जनता की सुरक्षा के दावे करने वाली सरकार की पुलिस इन आदम जमाने के हथियारों के बल पर कैसे आतंकियों का मुकाबला कर पाएगी।

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सीएजी की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि यूपी पुलिस के 48 प्रतिशत जवान मजबूरन ऐसी बंदुकों का इस्तेमाल करते हैं जिसे 20 साल पहले ही पुराना और बेकार करार दिया गया था। सीएजी की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्वाइंट-थ्री नॉट थ्री बोर राइफल को करीब 20 साल पहले फरवरी 1995 में प्रचलन से बाहर घोषित कर दिया गया था। मगर करीब 48% पुलिसकर्मियों को अब भी मजबूरन इसका इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

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सीएजी की यह रिपोर्ट हाल में उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश की गयी थी। रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने 1995 में ही एक निर्देश जारी कर ‘थ्री नॉट थ्री रायफल’ को इस्तेमाल से बाहर करने का आदेश दे दिया था। साथ ही उसकी जगह किसी नए हाईटेक हथियार को लाना था। हालांकि सरकार ने रिपोर्ट को मानते हुए कहा है कि जल्द ही इन हथियारों को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अगले पांच सालों में इन सभी पुराने हथियारों को इंसास रायफल से रिप्लेस किया जाएगा।

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ऐसा नहीं है कि सिर्फ उत्तर प्रदेश की पुलिस ही इन पुरान और बेकार थ्री नॉट थ्री रायफल का इस्तेमाल करती है। देश के बाकी के राज्यों में भी हालात ऐसे ही हैं, जहां ज्यादातर पुलिस के जवानों को इन्हीं हथियारों के दम पर लोगों की सुरक्षा में तैनात रहना पड़ता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि फायरिंग के दौरान ये रायफल जाम हो गया है।


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