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शिया वक्फ बोर्ड ने PM मोदी को लिखा पत्र, कहा-‘मदरसों में दी जाती है आतंकवाद की ट्रेनिंग’

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 10 , 2018 , 10:32 IST

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के बयान से सनसनी फैल गयी है। उन्होंने कहा है कि मदरसों में डॉक्टर और इंजीनियर नहीं, आतंकवादी तैयार किये जाते हैं। उन्होंने कहा है कि मदरसों में बम बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने ऐसे मदरसों को बंद करने की मांग की है। साथ ही सभी मदरसे को सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ने की मांग की है। रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में चिट्ठी भी लिखी है।

रिजवी ने कहा है कि मदरसों में बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से पैसे आते हैं। कुछ आतंकवादी संगठन भी अवैध रूप से चल रहे मदरसों को फंडिंग कर रहे हैं। मुस्लिम इलाकों में ज्यादातर मदरसे सऊदी अरब के भेजे पैसे से चल रहे हैं। मदरसे के छात्र सही शिक्षा नहीं मिलने से आतंकवाद के रास्ते पर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि शिमुली और लालगोला मुर्शिदाबाद में महिलाओं को बम बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। मदरसों के पाठ्यक्रम नौकरी देने वाले नहीं हैं। धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रणाली के मुताबिक, मदरसों को स्कूलों में बदल देना चाहिए और जो रजिस्टर्ड मदरसे नहीं हैं, उन्हें तुरंत बंद कर देना चाहिए।

रिजवी ने पत्र में लिखा है कि कुछ संगठन और कट्टरपंथी मुस्लिम बच्चों को सिर्फ मदरसे की शिक्षा देकर उन्हें सामान्य शिक्षा की मुख्यधारा से दूर कर रहे हैं। मदरसों में जो बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनकी शिक्षा का स्तर निचली सतह का है। ऐसे बच्चे सर्व समाज से दूर होकर कट्टरपंथ की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में मदरसों को खत्म करने की जरूरत है और उसकी जगह सामान्य शिक्षा नीति बनाई जाए।

कितने मदरसों ने इंजिनियर पैदा किए ?

वसीम रिजवी ने पत्र में सवाल उठाया कि कितने मदरसों ने डॉक्टर, इंजिनियर और आईएएस अफसर पैदा किए हैं? लेकिन कुछ मदरसों ने आतंकी जरूर पैदा किए हैं। वसीम ने कहा है कि सच तो यह है कि मदरसों में शिक्षित युवा रोजगार के मोर्चे पर अनुत्पादक होते हैं। उनकी डिग्रियां सभी जगह मान्य नहीं होती और खासकर निजी क्षेत्र में जो रोजगार है, वहां मदरसा शिक्षा की कोई भूमिका नहीं होती। ऐसे में पूरा समुदाय समाज के लिए हानिकारक हो जाता है। वसीम रिजवी ने इस पत्र में 27 बिंदु दिए हैं।

उधर, इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रिजवी को सबसे बड़ा अवसरवादी करार दिया है। साथ ही ओवैसी ने रिजवी को जोकर बताया। ओवैसी ने कहा, 'रिजवी बहुत बड़े अवसरवादी हैं। उन्होंने अपनी आत्मा आरएसएस को बेच दी है। मैं रिजवी को चुनौती देता हूं कि वह एक भी ऐसा मदरसा बता दें, जहां इस तरह (जैसा रिजवी ने पत्र में जिक्र किया है) की पढ़ाई हो रही है। यदि उनके पास सबूत है तो उन्हें गृहमंत्री को इसे सौंपना चाहिए।'


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