नेशनल

बड़ा खुलासा: मोहन भागवत को आतंकवादियों की लिस्ट में डालना चाहती थी मनमोहन सरकार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
298
| जुलाई 15 , 2017 , 09:47 IST | नई दिल्ली

आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को यूपीए की सरकार में आतंकियों की सूची में डालने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। एक अंग्रेजी न्यूज चैनल ने अपने पास मौजूद कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा है कि यूपीए सरकार अपने अंतिम दिनों में मोहन भागवत को हिंदू आतंकवाद के जाल में फंसाना चाहती थी।

.jpg

अजमेर और मालेगांव में हुई कट्टरपंथी हिंसा के बाद यूपीए सरकार ने देश में हिंदू आतंकवाद का मुद्दा उछाला और एनआईए पर इस बात के लिए दबाव बना रही थी कि भागवत को घेरा जाए। एनआईए द्वारा बनाई गई फाईल्स की नोटिंग्स के अनुसार जांच आधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अभिनव भारत नाम के संगठन की अजमेर और अन्य धमाकों में आरोपित भूमिका के चलते मोहन भागवत से इस मामले में पूछताछ करना चाहते थे।

चैनल का दावा है कि यूपीए की सरकार ने अपने कुछ मंत्रियों को इस काम के लिए लगा रखा था। बताजा गया है कि एनआईए की अधिकारियों को यूपीए के मंत्रियों से आदेश मिल रहे थे कि वो मोहन भागवत को गिरफ्तार कर ब्लास्ट मामले में पूछताछ करे। एनआईए को आदेश देने वाले मंत्रियों में उस वक्त के गृहमंत्री सुशिल कुमार शिंदे का भी नाम शामिल है।

Mohan-bhagwat

खबर के अनुसार यूपीए सरकार ने एनआईए पर तब दबाव बढ़ाना शुरू किया जब संदिग्ध हिंदू आतंकी स्वामी असीमानंद ने कारवां मैगजीन को फरवरी 2014 में पंचकुला जेल में रहते हुए दिए इंटरव्यू में हमलों के लिए प्रेरित करने वालों में कथित तौर पर मोहन भागवत का नाम लिया था। इसके बावजूद एनआईए प्रमुख शरद कुमार ने इससे इन्कार करते हुए इंटरव्यू टेप की फॉरेंसिक जांच करवाई और जब कुछ खास सामने नहीं आया तो उन्होंने यूपीए सरकार की बात ना मानते हुए केस खत्म किया।


कमेंट करें