नेशनल

भारत- तुर्की में हुए 3 समझौते, मोदी ने तुर्की के उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
110
| मई 1 , 2017 , 19:52 IST | नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के बीच यहां प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद सोमवार को भारत व तुर्की ने तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्वीट किया कि भारत तथा तुर्की ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), प्रशिक्षण तथा संस्कृति के क्षेत्र में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

साल 2017-2020 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। भारत के फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट (एफएसआई) तथा तुर्की के डिप्लोमेसी अकादमी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।

Erdogen 4

 

आईसीटी के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।
इससे पहले, सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में एर्दोगन की अगवानी की और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका औपचारिक स्वागत किया गया।

उधर, पीएम मोदी ने तुर्की के उद्योगपतियों को भारत में उर्जा, रेल, सड़क, बंदरगाह और आवास जैसे क्षेत्रों में निवेश का न्यौता देते हुए कहा कि भारत में इस समय निवेश के जितने आकषर्क अवसर हैं, उतने पहले कभी नहीं थे।

Modi 1

मोदी ने भारत यात्रा पर आए तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब इर्दोगान की उपस्थिति में यहां आयोजित भारत-तुर्की शिखर व्यावसायिक सम्मेलन में दोनों देशों के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।

भारत और तुर्की के बीच 6.4 अरब डॉलर का व्यापार

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और तुर्की के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2008 के 2.8 अरब डालर से बढ़कर 2016 में 6.4 अरब डालर तक जरूर पहुंच गया है लेकिन यह अभी भी संभावनाओं से काफी कम है।

मोदी ने कहा कि भारत और तुर्की के बीच बेहतर आर्थिक संबंध है, हालांकि व्यापार में यह वृद्धि उत्साहजनक है लेकिन वास्तविक संभावना को देखते हुए आर्थिक एवं वाणिज्यिक लेन-देन एवं सहयोग का स्तर पर्याप्त नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने तथा पारस्परिक संपर्क को बढ़ाने का समय आ गया है। व्यापार अनुकूल माहौल का वादा करते हुए मोदी ने कहा कि तुर्की की निर्माण कंपनियां भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र खासकर बंदरगाह, रेल, आवास, उर्जा, हाइड्रोकार्बन, पर्यटन और वाहन जैसे क्षेत्रों में भाग ले सकती हैं।

सुरक्षा संबधों पर भी हुई समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोगान ने सुरक्षा और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों के स्तर की समीक्षा की और साथ ही साझा चिंताओं वाले क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के दौरान आतंकवाद विरोधी क्षेत्रों ,एनएसजी में भारत की सदस्यता का मसला तथा क्षेत्रीय सुरक्षा सहित अनेक मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।

गौरतलब है कि एर्दोगान की शासकीय शक्तियों को आगे समेकित करने के लिए 16 अप्रैल को कराए गए विवादास्पद जनमत संग्रह में जीत हासिल करने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। वह दो दिवसीय यात्रा पर कल यहां पहुंचे थे।

Erdogen 2

 


कमेंट करें