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यूनेस्को से बाहर हुआ अमेरिका, जानें इससे विश्व के देशों में क्या प्रभाव पड़ेगा ?

ललिता सेन, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 13 , 2017 , 10:16 IST | वाशिंगटन

अमेरिका ने गुरुवार को यूनेस्को से अलग हो जाएगा। अमेरिका ने यूनेस्को पर इजरायल विरोधी रुख रखने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी से अमेरिका का अलग होने का ये फैसला 31 दिसंबर 2018 से प्रभावी होगा। तब तक अमेरिका यूनेस्को का पूर्णकालिक सदस्य बना रहेगा।

विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नाउर्ट ने कहा, ये फैसला ऐसे ही नहीं लिया गया है। बल्कि यह यूनेस्को पर बढ़ती बकाया रकम की चिंता और यूनेस्को में इस्राइल के खिलाफ बढ़ते पूर्वाग्रह को देखते हुए लिया गया है। संस्था में मूलभूत बदलाव करने की जरूरत है।

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अमेरिका के इस फैसले से फंड की कमी से जूझ रहे यूनेस्को की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। बता दें कि, इस संगठन को दिए जाने वाले अमेरिकी फंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराजगी जताते रहे हैं। अमेरिका से हर साल यूनेस्को को आठ करोड़ डॉलर (करीब 520 करोड़ रुपये) की मदद मिलती है।

यूनेस्को का मुख्यालय पेरिस में है। संयुक्त राष्ट्र का ये संगठन 1946 से काम कर रहा है। साल 2011 में अमेरिका ने फलस्तीन को यूनेस्को का पूर्णकालिक सदस्य बनाने के फैसले के विरोध में इसके बजट में अपना योगदान नहीं दिया था। इससे पहले फॉरेन पॉलिसी पत्रिका ने भी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि 58 सदस्यीय यूनेस्को के नए महानिदेशक का चुनाव कर लिए जाने के बाद अमेरिका इससे अलग होने का ऐलान कर सकता है।


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