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कैसे एक किसान का बेटा उपराष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचा, पढ़ें वेंकैया का सफरनामा

राघवेन्द्र द्विवेदी, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 11 , 2017 , 14:54 IST | नई दिल्ली

वेंकैया नायडू देश के 13वें उपराष्ट्रपति बन गए। राष्ट्रपति भवन में महामहिम रामनाथ कोविंद ने वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य तमाम गणमान्य लोग शामिल हुए।

नायडू के उपराष्ट्रपति बनते ही संघ के लिए एक नया अध्याय शुरू हो गया। पहली बार ऐसा हुआ है जब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तीनों ही पद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि के लोग हैं। वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को हराया था। 5 अगस्त को नायडू ने 516 वोट पाकर बड़े अंतर से गोपाल कृष्ण गांधी को शिकस्त दी थी।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद वेंकैया नायडू संसद भवन पहुंचे जहाँ संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने उनकी आगवानी की। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होता है। ये संयोग है कि बतौर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का संसद में आज पहला दिन है और संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। राज्यसभा में पूरे सदन ने नए सभापति का स्वागत किया।

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सदन में अपने स्वागत भाषण में पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू के व्यक्तित्व का ज़िक्र करते हुए तारीफ़ की और कहा कि वेंकैया जी ने हमेशा गांव, गरीब और किसान की चिंता की है। प्रधानमंत्री ने वेंकैया जी की ताजपोशी को गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामना भी दी।

शपथ ग्रहण से पहले की अगर बात करें तो सुबह से ही वेंकैया नायडू के आवास 30 डॉ एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर हलचल शुरू हो गई थी। कई लोग फूल गुलदस्ता लेकर नायडू को बधाई और शुभकामनाएं देने पहुंचे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी कुछ मेहमान नायडू के घर पहुंचे और वहां से राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुए।

वेंकैया नायडू सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर राजघाट के लिए निकले जहाँ उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद नायडू ने दीनदयाल उपाध्याय पार्क का रुख किया जहाँ बीजेपी के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। उसके बाद उन्होंने पटेल चौक पहुँच कर सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। 9 बजकर 10 बजे वापस अपने घर पहुँचे नायडू 30 मिनट बाद राष्ट्रपति भवन के लिए निकले जहाँ शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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उपराष्ट्रपति बनने से पहले वेंकैया नायडू मोदी मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। बतौर मंत्री वो शहरी विकास मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय की ज़िम्मेदारी संभाल चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा 2002 से 2004 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। सरकार से लेकर संगठन में काम करने का उन्हें लंबा तजुर्बा है।

अपनी हाज़िरजवाबी और मिलनसार स्वभाव की वजह से उनके रिश्ते एनडीए नेताओं से तो अच्छे हैं ही, विपक्षी दलों के नेताओं से भी बहुत अच्छे हैं। यही वजह थी कि चुनाव में उन्हें उम्मीद से ज़्यादा 516 वोट हासिल हुई थे और विपक्ष के कई सांसदों ने वेंकैया नायडू के लिए क्रॉस वोटिंग की थी। ज़ाहिर है, वेंकैया नायडू की लोकप्रियता राज्यसभा के संचालन में मददगार होगी।


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