मनोरंजन

रूमानी अदाओं से लोगों को दीवाना बनाने वालीं मुमताज की अनकही कहानी (जन्मदिन विशेष)

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
249
| जुलाई 30 , 2017 , 21:36 IST | मुंबई

साठ से सत्तर के दशक में अपने खूबसूरत अंदाज से दर्शकों को अपना दीवाना बनाना वालीं मुमताज बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। मशहूर अदाकारा मुमताज का नाम बच्चों-बच्चों की जुबां था। मुमताज का जन्म 31 जुलाई 1947 को मुंबई में हुआ। बचपन से ही उनका रूझान फिल्मों की ओर था और वह अभिनेत्री बनने का सपने देखा करती थी। महज 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपना कदम रख दिया।

Mumtaj

मुमताज ने कई स्टंट फिल्मों में काम किया, जिनमें उनके नायक की भूमिका दारासिंह ने निभाई। दारा सिंह के साथ मुमताज ने जिन फिल्मों में काम किया उनमें हरकुलेस , फौलाद, वीर भीम सेन, सैमसन, टार्जन कम टू दिल्ली, आंधी और तूफान, सिकन्दरे-आजम, टार्जन एंड किंगकांग, रूस्तमे हिंद, राका , बाक्सर, जवान मर्द, डाकू मंगल सिंह और खाकान शामिल है। इनमें से कई फिल्में टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। वर्ष 1965 में मुमताज के सिने करियर की अहम फिल्म ‘मेरे सनम’ प्रदर्शित हुई। इसमें मुमताज खलनायिका की भूमिका में नजर आई। 

वर्ष 1967 में प्रदर्शित फिल्म ‘पत्थर के सनम’ मुमताज की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है । मनोज कुमार और वहीदा रहमान अभिनीत इस फिल्म में मुमताज ने सहनायिका की भूमिका निभायी थी । इस फिल्म में भी उन पर एक आइटम गाना ” ऐ दुश्मन जान” फिल्माया गया जो श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।

Mumtaz1

मुमताज की मां नाज और चाची नीलोफर पहले से फिल्मों में थीं। लेकिन दोनों जूनियर आर्टिस्ट होने के नाते अपनी बेटियों की सिफारिश करने योग्य नहीं थीं। मुमताज ने जूनियर आर्टिस्ट से स्टार बनने का सपना अपने मन में संजोया था, जिसे उन्होंने सच कर दिखाया। सत्तर के दशक में उन्होंने स्टार की हैसियत प्राप्त कर ली। उस दौर के नामी सितारे- शम्मी कपूर, देवानंद, संजीव कुमार, जीतेंद्र और शशि कपूर उनके साथ काम करने को उत्साहित रहने लगे थे।

Mumtaz4

दारासिंह के बाद मुमताज की जोड़ी राजेश खन्ना के साथ जमी। उन दिनों राजेश भी सफलता की राह पर आगे बढ़ रहे थे। फिल्मों में दोनों को साथ देखने वालों की होड़ लग गई। फिल्म 'दो रास्ते' की सफलता के साथ दोनों के वारे-न्यारे हो गए। 1969 से 74 तक इन दो कलाकारों ने 'सच्चा झूठ', 'अपना देश', 'दुश्मन', 'बंधन और रोटी' जैसी शानदार फिल्में दीं।

आपको बता दें कि मुमताज ने दस साल तक बॉलीवुड पर राज किया। वह शर्मिला टैगोर के समकक्ष मानी गईं और पैसा भी उन्हीं के बराबर दिया गया। देव आनंद की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' मुमताज के करियर को सुनहरा कर देने वाली फिल्म थी। सत्तर के दशक में अचानक नई हीरोइनों की बाढ़ आ गई। तब तक मुमताज का भी स्टार बनने का सपना सच हो गया था। वह अब घर बसाना चाहती थीं। उन्होंने गुजराती मूल के लंदनवासी मयूर वाधवानी नामक व्यवसायी से 1974 में शादी कर ली और ब्रिटेन में जा बसीं।

Mumtaz2

Mumtaz3

शादी के पहले उनका नाम राजेश खन्ना, संजय खान, फिरोज खान, देव आनंद जैसे कुछ सितारों के साथ जोड़ा गया था, लेकिन अंत में मयूर पर उनका दिल आ गया। मुमताज जब 18 साल की थीं, तभी शम्मी कपूर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज कर दिया था। उस समय मुमताज भी शम्मी से प्यार करती थीं। शम्मी चाहते थे कि मुमताज अपना फिल्मी करियर छोड़कर उनसे शादी कर लें। लेकिन मुमताज के इनकार के बाद शम्मी के साथ उनका अफेयर खत्म हो गया।

मुमताज ने अपने दो दशक लंबे सिने कैरियर में लगभग 100 फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 1969 की फिल्म 'ब्रह्मचारी' के लिए बेस्ट सपोर्टिग एक्ट्रेस का पुरस्कार जीता, 1970 की फिल्म 'खिलौना' के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, 1996 में प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी (आईफा) में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और 2008 में आईफा उत्कृष्ट योगदान मानद पुरस्कार से नवाजा गया।


author
अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

कमेंट करें

अभी अभी