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मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान हिंसा, किसान नेता गिरफ्तार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 6 , 2017 , 09:56 IST | इंदौर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आश्वासन पर भारतीय किसान संघ द्वारा किसान आंदोलन स्थगित किए जाने का ऐलान किए जाने के बाद भी किसान आंदोलन सोमवार को पांचवें दिन जारी रहा। कई स्थानों के बाजारों तक सब्जियां नहीं पहुंचीं और किसानों ने सड़कों पर दूध बहाया। पुलिस ने किसान नेताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी है। कर्ज माफी और उपज के उचित दाम के लिए एक जून से राज्य के कई हिस्सों के किसान आंदोलनरत हैं। सोमवार को उनके आंदोलन का पांचवा दिन था। आंदोलन 10 जून तक चलाने की घोषणा किसान कर चुके हैं।

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धार के बदनावर में में किसानों ने हजारों लीटर दूध सड़कों पर बहा दिया तो फल के ट्रक लूट लिए। इसी तरह नीमच में किसानों ने प्रदर्शन किया, जबकि झाबुआ में किसानों और व्यापारियों के बीच झड़प हुई। हरदा में आम किसान यूनियन ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। यूनियन के केदार सिरोही ने कहा, "हमें रोटी चाहिए, बिस्कुट नहीं। हमारी जो मांगें हैं, उनके पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।" राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने भी किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए सोमवार को रैली निकाली। संघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने रैली का नेतृत्व किया, और कहा कि किसान आंदोलन 10 जून तक जारी रहेगा। उन्होंने शिवराज सरकार पर किसानों को छलने का आरोप लगाया।

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इस बीच, मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए किसानों के आंदोलन को हिंसक बनाने में लगे है, और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसान संघ द्वारा आंदोलन स्थगित करने के बाद भारतीय किसान यूनियन के महामंत्री अनिल यादव ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। उसके बाद भोपाल के अशोका गार्डन थाने की पुलिस ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह के अनुसार, यादव किसानों को भड़काने का काम कर रहे थे, उनके साथी रामनरेश को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार को उज्जैन में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी और किसानों की कई मांगें मान ली थी, जिसमें प्याज को आठ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने, मंडी में उपज का 50 प्रतिशत नगद भुगतान व शेष बैंक में जमा कराने और मूंग को समर्थन मूल्य पर खरीदने का आश्वासन दिया था। लेकिन हड़ताल में शामिल अन्य संगठन अब भी हड़ताल पर डटे हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने एक आडियो जारी कर किसानों से कहा, "किसान संघ ने धोखा दिया है। हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जातीं। कर्ज माफी और फसल के वाजिब दाम उनकी प्रमुख मांग है।"

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किसानों ने सोमवार सुबह से सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जारी रखा। कई जगह गांव से दूध और सब्जियों को मंडी तक आने नहीं दिया। राजधानी में सांची दूध के फुल क्रीम दूध की आपूर्ति बंद कर दी गई है। इंदौर में भी दूध की किल्लत बनी हुई है। इसी तरह झाबुआ, धार, शाजापुर, सीहोर, हरदा आदि स्थानों पर प्रदर्शन का दौर जारी है। हरदा में किसानों ने मुंडन कराया है। रतलाम में रविवार रात किसान हिंसक हो गए थे। डेलनपुर में किसानों ने प्रदर्शन किया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज व आंसूगैस के गोले छोड़े। किसानों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सहायक उपनिरीक्षक पवन यादव की आंख में गंभीर चोट आई है। चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।


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