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राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान खत्म, आंकड़ों में मीरा पर कोविंद का पलड़ा भारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 17 , 2017 , 17:39 IST | नई दिल्ली

देश के 14वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई है। नए राष्ट्रपति के चुनाव में बीजेपी नीत एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का मुकाबला विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार से है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी के नेता मुरली मनोहर जोशी समेत कई नेताओं ने वोट डाल दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी वोट डाला।

संसद भवन के अलावा हर राज्य की विधानसभाओं में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ। संसद के दोनों सदनों में जहां सांसदों की वोटिंग की व्यवस्था की गई, वहीं राज्य विधानसभाओं में वहां के निर्वाचित सदस्य वोट डाले। 20 तारीख को परिणाम आएंगे।

कोई भी विधायक अपने पेन से मतदान नहीं कर सकेगा। ऐसा करने पर वोट अवैध माना जाएगा, चूंकि हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में स्याही विवाद के बाद केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव में पहली बार विशेष पेन से मतदान की व्यवस्था की है।

मतदान केंद्र पर विधायक, अधिकारी और मीडिया के लोग मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। मीडिया को मतदान की वीडियोग्राफी की इजाजत नहीं होगी। फोटोग्राफर के लिए फोटो खींचने को स्थान चिन्हित किया गया है, उससे आगे वे नहीं जा सकेंगे।

इस बार अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। सांसदों के लिए हरे रंग का और विधायकों के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर होगा।

निर्वाचक मंडल के कुल मतों की संख्या 10,98,903 है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार को 63 फीसदी से अधिक मत मिलने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को कुछ क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़कर राजग के करीब सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त है। वहीं मीरा कुमार को कांग्रेस सहित 18 मुख्य विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है।

रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है

25 जुलाई को नए राष्ट्रपति पदभार ग्रहण करेंगे। सियासी समीकरणों को देखें तो इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है। राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल दोनों उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार दलित समुदाय से आते हैं और उन्होंने देशभर में घूम-घूम कर विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।

आंकड़ों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें एनडीए के अलावा जेडीयू और बीजू जनता दल (बीजेडी) जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है। यहां जेडीयू के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी वोट है, जबकि बीजेडी के पास 2.99 फीसदी वोट है। इसके अलावा तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पास 2%, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) का एक गुट (5.39 %) और वाईएसआर कांग्रेस (1.53%) ने भी कोविंद के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की है।

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का वैल्यू 708 है, जबकि विधायकों के वोटों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार होगा, जैसे उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का वैल्यू 208, जबकि अरुणाचल जैसे कम आबादी वाले राज्य के विधायक के वोट का मूल्य 8 बैठता है. ऐसे में कोविंद को निर्वाचक मंडल के कुल 10,98,903 मतों में से 63 फीसदी से ज्यादा मत मिलने की संभावना है.

 


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