राजनीति

प.बंगाल पंचायत चुनाव: जारी है लोकतंत्र की हत्या! बैलेट बॉक्स लेकर फरार हुए बदमाश

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 16 , 2018 , 16:58 IST

पश्चिम बंगाल के 19 जिलों के 568 बूथों पर पुनर्मतदान कराए जा रहे हैं। यहां 14 मई को मतदान हुए थे। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि सिर्फ झारग्राम जिले में किसी बूथ पर पुनर्मतदान नहीं होगा।
अभी-अभी खबर मिली है कि माल्दा के रोतुआ जिले के बूथ न. 76 पर उपद्रवियों ने बैलेट बॉक्स को पहले लूटा उसके बाद बॉक्स को अपने साथ ले गया। वहीं वीडियो में साफ देखा जा सकता है बैलेट बॉक्स लूटने वाले शख्स के हाथ में बंदूक भी है।

वहीं यह भी खबर मिली है कि उत्तर दिनाजपुर के गोलपोखर इलाके में आरपीएफ जवानों ने लाठीचार्ज किया है। यहां नाराज लोग मतदान का विरोध कर रहे थे।

चुनाव के दौरान हिंसा में 12 लोगों की मौत

इससे पहले 14 मई को हुए पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 12 लोग मारे गये थे जबकि 43 अन्य घायल हुए थे। पश्चिम बंगाल में एक के बाद हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये थे। पश्चिम बंगाल में लोगों के अंदर डर पैदा हो गया है। बैलेट बाक्स में आग लगने की घटना पश्चिम बंगाल के जलापाईगुरी की है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अनुज शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि 12 लोगों के मरने की खबर है लेकिन इनमें से सिर्फ छह के बारे में ही पुष्टि हुई है कि उनकी मौत चुनाव से जुड़ी हुई है। पंचायत चुनाव में व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए जाने तथा पश्चिम बंगाल और पड़ोसी राज्यों से 60000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने के बावजूद उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, बर्दवान, नदिया, मुर्शिदाबाद और दक्षिणी दिनाजपुर ज़िलों में हिंसक झड़प हुई।

विपक्ष ने तृणमूल पर लगाया लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप

विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर आतंक का राज कायम करने और लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाया। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘पहले तो, उन्होंने लोगों को नामांकन पत्र दाखिल नहीं करने दिया। फिर, नामांकन के बाद तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए धमकी देने लगी। जिन लोगों ने नाम वापस नहीं लिया, उन पर हमला किया गया। यह कुछ नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह नष्ट करना है।

भाकपा नेता डी. राजा ने कहा कि यह चुनाव का महज़ ढकोसला है तथा ममता बनर्जी सरकार को पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को बचाने के लिए कदम उठाना चाहिए था।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पिछले वाम शासन की तुलना में यह कम है।


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