ख़ास रिपोर्ट

एक झटके में उड़ जाती यूपी विधानसभा! जानिए कितना खतरनाक है PETN

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
128
| जुलाई 14 , 2017 , 20:29 IST | नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश विधानसभा में संदिग्ध सफेद पाउडर पाया गया। जांच में पता चला कि यह खतरनाक विस्फोटक PETN था। यह एक ऐसा एक्सप्लोसिव है, जिसमें खुद ब्लास्ट नहीं हो सकता। इसे ब्लास्ट करने के लिए पहले किसी डेटोनेटर में ब्लास्ट करना होता है। PETN के ब्लास्ट से 4230 डिग्री सेल्सियस तापमान पैदा होता है।

Petn 1

आइए जानते हैं क्या है PETN और यह कितना खतरनाक है।

PETN क्या है

पेंटाएरीथ्रीटोल ट्राइनाइट्रेट यानी PETN बेहद शक्तिशाली प्लास्टिक एक्सप्लोसिव है। ये सफेद पाउडर या शीट के रूप में होता है। इसके क्रिस्टल ट्रांसपैरेंट होते हैं। यह इट्रोग्लिसरीन एक्सप्लोसिव की फैमिली से ताल्लुक रखता है।

Assembly 2

PETN कैसे काम करता है

इसमें अपने आप ब्लास्ट नहीं होता। इसे आग लगाकर भी ब्लास्ट नहीं किया जा सकता। इसे किसी डेटोनेटर से ही ब्लास्ट किया जा सकता है। PETN में ब्लास्ट से 4230 डिग्री सेल्सियस टेम्परेचर पैदा होता है। PETN को शॉकवेब से भी ब्लास्ट किया जा सकता है। बता दें कि शॉकवेब उस वेब को कहा जाता है, जो साउंड की स्पीड (करीब 340 मीटर/सेकंड) से तेज होती है।

PETN है आतंकियों की पहली पसंद

यह ब्लैक मार्केट में आसानी से मिलता है, इसे एक जगह से दूसरी जगह लाना-लेजाना सुरक्षित होता है। इसे किसी कंटेनर या इलेक्ट्रॉनिक इक्युपमेंट्स में आसानी से छिपा कर रखा जा सकता है। इसकी वजह से सिक्युरिटी चेकिंग के दौरान मैटल डिटेक्टर से इसकी मौजूदगी का पता लगाना बेहद मुश्किल है। इसमें कोई गंध नहीं होती। इसलिए डॉग स्क्वॉयड भी इसका असानी से पता नहीं लगा पाती। इसे बाजार में मिलने वाले कैमिकल्स से भी बनाया जा सकता है। हालांकि, यह इतना आसान नहीं है।

Petn 2

कितना खतरनाक है PETN

इसकी सिर्फ 100 ग्राम मात्रा ही एक कार में ब्लास्ट करने के लिए काफी है। कानूनी तौर पर इसका इस्तेमाल मिलिट्री और माइनिंग इंडस्ट्री में किया जाता है। RDX के साथ इसे मिलाकर SEMTEX नाम का एक्सप्लोसिव बनता है।

इसका पता लगाने का क्या कोई दूसरा तरीका है

गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ एयरपोर्ट्स पर PETN की जांच के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पैसेंजर्स के कपड़ों को ऊपर से पोंछकर नमूना लिया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, गारंटी नहीं दी जा सकती कि इस तरीके से PETN की मौजूदगी का पता लगाया ही जा सके।

दिल्ली ब्लास्ट में PETN का हुआ था इस्तेमाल

7 सितंबर 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट में हुए ब्लास्ट में PETN का इस्तेमाल किया गया था। इस ब्लास्ट में 17 लोग मारे गए थे और 76 लोग घायल हुए थे। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि ब्लास्ट में PETN की काफी कम मात्रा इस्तेमाल की गई थी, लेकिन उसने काफी बड़ा नुकसान किया।

 


कमेंट करें