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बेहद खतरनाक है WannaCry वायरस,150 देशों में कर चुका है हमला, जानें कैसे बचेंगे?

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मई 15 , 2017 , 15:47 IST | नयी दिल्ली

शुक्रवार 12 मई को दुनिया भर के देशों में साइबर अटैक हुआ। इस साइबर अटैक से  दुनियाभर में अफरा-तफरी मच गई। इस साइबर हमले में 150 देशों में 2 लाख से ज्यादा कंप्यूटर चपेट में आए। भारत में भी कई राज्यों में रैंसमवेयर का अटैक हुआ। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य आंध्र प्रदेश रहा।

हैकर्स ने जिन वायरस का इस्तेमाल किया उसका नाम रैंसमवेयर वायरस WannaCry (वानाक्राई) है। वानाक्राई वायरस की वजह से दुनिया भर में लाखों कंप्यूटर हैक हो गए। दुनियाभर में अभी भी वानाक्राई के खतरे का अंदेशा बना हुआ है।

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क्या है वानाक्राई 

रैंसमवेयर अटैक भी सामान्य हमलों की तरह होता है। इसमें हैकर अपने शिकार को एक ईमेल भेजता है, जिसमें एक लिंक दिया होता है। लिंक पर क्लिक करते ही वायरस कंप्यूटर में मौजूद सभी प्रोग्राम, फाइल और फोल्डर्स को लॉक कर देता है। इसके बाद सिस्टम उपयोगकर्ता अपने सिस्टम में मौजूद किसी भी फाइल को खोल नहीं पाता। इस दौरान स्क्रीन पर एक संदेश भेजा जाता है जिसमें सभी डाटा के लिए फिरौती की मांग की जाती है। एक निश्चित राशि के भुगतान के बगैर कम्प्यूटर अनलॉक नहीं हो पाता है।

 

कैसे फैलता है वानाक्राई

वानाक्राई प्रभावित विंडो सिस्टम पर फाइलों को एनक्रिप्ट करता है। रैंसमवेयर विंडो सिस्टम में सर्वर मैसेज ब्लॉक (एसएमबी) के इस्तेमाल में सुरक्षा ना बरतने से फैलता है।  'वानाक्राई' या 'वानाक्रिप्ट' नाम का रैंसमवेयर कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क ड्राइव को एनक्रिप्ट करता है और फिर उसी लोकल एरिया नेटवर्क पर कम्प्यूटरों के बीच फैलता है। रैंसमवेयर ईमेल में वायरस फैलाने वाली अटैचमेंट से भी फैलता है।

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फिरौती के लिए हैकिंग

दर्जनभर के देशों में जो साइबर हमला किया गया उसका मकसद पैसा वसूलना था। उगाही के लिए कई देशों के अस्पतालों, दूरसंचार कंपनियों और अन्य कंपनियों के कम्प्यूटर डाटा हैक कर लिए गए। रैंसमवेयर वायरस फैलाने वाला सॉफ्टवेयर है जो आपके कम्प्यूटर सिस्टम तक पहुंच बनाकर उसे तबतक के लिए ब्लॉक किए रखता है जब तक ऑनलाइन माध्यम के जरिये फिरौती ना मिल जाए। रैंसमवेयर वायरस इतना खतरनाक और स्मार्ट है कि यह 'प्लीज रीड मी' नाम से एक फाइल छोड़ता है जिसमें यह बताया जाता है कि कम्प्यूटर के साथ क्या हुआ है और कैसे फिरौती देनी है।

हैकर्स ने जिसके कम्प्यूटर हैक किये उनसे बिटकॉइन में फिरौती मांगी जाती है। बिटकॉइन में भुगतान होने से पकड़े जाने का खतरा बिल्कुल न के बराबर होता है। स्कॉटलैंड में कंप्यूटरों को नियंत्रण में लेने के बाद फाइलों को खोलने और उपभोक्ताओं के इस्तेमाल करने के लिए 300 से 600 डॉलर बिटकॉइन के भुगतान की मांग की गई।

 

हैकिंग से बचने के लिए क्या करें

हैकर्स का ये वायरस काफी खतरनाक और शक्तिशाली है लेकिन अगर हम कुछ एहतियात बरतें तो इससे बचा जा सकता है। पढ़ें हमें क्या करना चाहिए।

रैंसमवेयर से बचाने के लिए अपने सिस्टम में एंटीवायरस प्रोग्राम और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें।  

अज्ञात स्त्रोत से आए ईमेल को ना खोले। इसके अलावा इस मेल से भेजे गए अटैचमेंट और लिंक पर क्लिक न करें।

ईमेल से प्राप्त हुए फाइलों को खोलने के लिए दिये गए छोटे आदेशों को डिसएबल कर दें।

यदि संभव हो तो अपने कंप्यूटर पर अपना डेक्सटॉप बनाएं और उसे पासवर्ड से लॉक करें। मजबूत पासवर्ड बनाएं।

अपने कंप्यूटर में मौजूद फाइलों और फोल्डर्स को सुरक्षित रखने के लिए नियमित अंतराल पर उनका बैकअप लें। बैकअप किसी एक्सटर्नल हार्डडिस्क या सर्वर पर रखें। 

रैंसमवेयर वायरस सिर्फ विंडोज को ही नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि मैक यूजर्स को भी इससे बचना चाहिए।

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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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