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थोक महंगाई दर में इजाफा, पिछले साल के मुकाबले दोगुने स्तर पर पहुंची

दीपक गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 14 , 2018 , 16:12 IST

खुदरा महंगाई दर के बाद अब थोक महंगाई दर में भी इजाफा हुआ है। पहले ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को अब महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। महंगाई की मार अब आपकी रसोई तक पहुंच गई है।

केंद्र सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक यह पिछले साल के मुकाबले दोगुने स्तर पर पहुंच गई है। मई में यह 4.43 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो कि अप्रैल में 3.18 फीसदी थी। वहीं पिछले साल मई में यह दर 2.26 फीसदी थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी CSO की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.87 फीसदी हो गई  है,  जो पिछले चार महीनों में सबसे अधिक है। अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 4.58 फीसदी थी।

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थोक महंगाई दर से पहले आए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधार यानी सीपीआई महंगाई मई में  4.87 फीसदी पर पहुंच गई। अप्रैल महीने में यह 4.58 फीसदी रही थी। खुदरा महंगाई दर बढ़ने के लिए सब्ज‍ियों और दालों के दाम में बढ़ोतरी को वजह बताया गया है।

बता दें कि मई महीने में खाद्य महंगाई दर 2.8 फीसदी से बढ़कर 3.1 फीसदी रही है। अप्रैल महीने में अनाज, मीट, मछली और फलों की कीमत बढ़ने के चलते खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.58 फीसदी हो गयी थी,  जबकि मार्च में यह 4.28 फीसदी रही थी। मासिक आधार पर अप्रैल में खाद्य महंगाई दर 2.81 फीसदी से घटकर 2.80 फीसदी पर आ गई थी।

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इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने जून के पहले हफ्ते में हुई मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में रेपो रेट को बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया था। बढ़ती महंगाई और अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों की वजह से आरबीआई ने यह फैसला लिया था।

आरबीआई ने महंगाई के 4.8 से 4.9 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई को खुदरा महंगाई दर को चार फीसदी के आसपास रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है, लेकिन पिछले चार महीनों के दौरान महंगाई दर इस लक्ष्य से अधिक रही है। खुदरा महंगाई दर के ताजा आंकड़े आने से पहले ब्लूमबर्ग के इकोनॉमिस्ट पोल में इसके 4.9 फीसदी के करीब रहने का अनुमान लगाया  गया था।


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