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भारत बना दुनिया का सबसे गर्म देश, टूटा 100 साल का रिकॉर्ड: Earth Nullschool रिपोर्ट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 22 , 2017 , 21:08 IST | नयी दिल्ली

आम तौर पर अप्रैल का महीना भारतीय प्रायद्वीप में उमस भरा महीना होता है। लेकिन इस साल मौसम का मिजाज कुछ उल्टा है। अप्रैल के महीने में देश के मैदानी इलाकों में जानलेवा लू के थपेड़े चल रहे हैं। अभी मई और जून आना बाकी है।

दरअसल प्रतिचक्रवाती हवा बहने के कारण अप्रैल के महीने में ही भारत दुनिया का सबसे गर्म देश बन गया है। दुनिया भर में लाइव तापमान बताने वाली मौसम एजेंसी Earth Nullschool ने ताजा मैप जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत अभी दुनिया का सबसे गर्म देश है।

देखिए मैप

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गर्मी ने 2017 में तोड़ा 100 साल का रिकार्ड

Earth Nullschool की रिपोर्ट और मैप्स में बताया गया है कि किस तरह 2017 में अप्रैल के महीने में भारत और पाकिस्तान में गर्मी ने 100 साल का रिकार्ड तोड़ा है। भारत के महाराष्ट्र प्रांत के चंद्रपुर में सबसे अधिक तापमान अप्रैल में 46.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं पाकिस्तान के सिबी में 48.1 डिग्री सेल्सियस। अप्रैल के महीने में सबसे ज्यादा तापमान दक्षिण प्रशांत महासागर के आइलैंड सामोया के ले-माफा शहर का रिकार्ड किया गया, जहां तापमान 54.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

देखिए तापमान का रिकार्ड

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भारत और पाकिस्तान ही नहीं अप्रैल के महीने में साउथ एथिया और अफ्रीका की धरती भी बेइंतहा तप रही है।

यदि पृथ्वी के औसत तापमान का बढ़ना इसी प्रकार जारी रहा तो आगामी वर्षो में भारत को इसके दुष्परिणाम झेलने होंगे। पहाड़, मैदानी, रेगिस्तान, दलदली क्षेत्र व पश्चिमी घाट जैसे समृद्ध क्षेत्र ग्लोबल वार्मिंग के कहर का शिकार होंगे।

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एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में कृषि, जल, पारिस्थितिकी तंत्र एवं जैव विविधता व स्वास्थ्य ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न समस्याओं से जूझते रहेंगे।

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देर से आएगी इस बार मानसून

मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून के देर से आने की संभावना है, इसलिए गर्मी से निजात जल्द नहीं मिलने वाली। इतनी ज्यादा गर्मी हीट वेव के बनने की वजह से है। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक होने पर हीट वेव की स्थिति बनती है। तेज धूप के साथ ही नमी भी काफी कम हो जाती है, ऐसे में सूरज की तपिश और जमीन गर्म होने पर हवा के गर्म थपेड़े परेशानी की वजह बनते हैं।

क्यों एंटी साइक्लोन हवाएं बढ़ाती है तापमान

उत्तर भारत में जमीन से पांच किलोमीटर ऊपर मौजूद एक एंटीसाइक्लोन गर्मी को और गरम बनाने का काम कर रहा है। एंटीसाइक्लोन में हवाएं एंटीक्लॉकवाइज चलती हैं। यानी हवाएं ऊपर से नीचे की ओर आती हैं। इस स्थिति में वायुमंडलीय दाब बढ़ जाता है। वायुमंडलीय दाब बढ़ने के साथ ही तापमान भी बढ़ता है। इस स्थिति में गरम हवाएं और भी गरम हो जाती हैं।

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