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विकीलीक्स के संस्थापक असांजे जमीन पर सोकर कर रहे गुजारा, एक कमरे में कट रही जिंदगी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 27 , 2018 , 20:37 IST

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे लंदन में 6 साल से एक कमरे में अपना गुजर बसर कर रहे हैं। लंदन की इक्वाडोरियन एम्बेसी में लगभग 3 मीटर बाय 6 मीटर का कमरे ही असांजे का घर है। यह एक स्टूडियो अपार्टमेंट है। जहां वे जमीन पर सोते हैं। इस रूम में फोन, सन लैम्प, कम्प्यूटर, शॉवर, ट्रेडमिल और किचन है।

हर दिन 8 किमी दौड़ते हैं असांजे

लंदन के मशहूर टीवी डायरेक्टर केल लोच ने असांजे को ट्रेडमिल गिफ्ट किया है जिस पर हर दिन वो 8 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। हर दूसरे दिन वे ब्रिटेन के पूर्व स्पेशल एयर सर्विस के ऑफिसर के साथ वर्कआउट भी करते हैं। बाथरूम उन्हें शेयर करना पड़ता है। कमरे के एक कोने में उन्होंने गोल मीटिंग टेबल रखा है, जहां पत्रकारों और साथियों से मुलाकात करते हैं। एक खिड़की है और उसके सामने 4 अलमारियां हैं। ये अलमारियां फाइल, सीडी, पेन और प्रिंटर से भरी पड़ी हैं।

मार्च 2018 से नहीं है इंटरनेट कनेक्शन

मार्च 2018 से उनका इंटरनेट कनेक्शन भी काट दिया गया है। अमेरिका का सीक्रेट डेटा अपनी वेबसाइट पर लीक करने और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों के बाद गिरफ्तारी के डर से असांजे ने 2012 में दूतावास में शरण ली थी। अमेरिका उनके खिलाफ जांच चला रहा है। उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं।

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खतरे में है असांजे की जिंदगी

47 साल के असांजे को पनाह देने के बारे में इक्वाडोर का तर्क है कि असांजे के ख्यालों की आजादी और प्रेस फ्रीडम के चलते किसी भी पल ऐसी स्थिति बन सकती है जब उनकी जिंदगी खतरे में आ जाए। इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति रफारल कोरेया कह चुके हैं कि असांजे जब तक चाहें उनके दूतावास में रह सकते हैं। असांजे दूतावास की एक बालकनी में आकर स्पीच देते हैं।

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यहां आने वाले मेहमानों की संख्या अचानक बढ़ गई है। विजिटर में लेडी गागा तक शामिल हैं। दूतावास को अपना स्टाफ बढ़ाकर दोगुना करना पड़ा है। बाहर पुलिस तैनात की गई है। छोटा-सा दूतावास छह साल से बड़े महत्व वाला हो गया है।

असांजे पर वेबसाइट हैक करने का है आरोप

असांजे ने विकीलीक्स की वेबसाइट पर इराक युद्ध से जुड़े 4 लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए थे। इसके जरिए उन्होंने अमेरिका, इंग्लैंड और नाटों की सेनाओं पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया था। यह भी आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूसी खुफिया एजेंसियों ने हिलेरी क्लिंटन के कैम्पेन से जुड़े ईमेल हैक कर विकीलीक्स को दे दिए थे।


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