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विकिलीक्स का बड़ा खुलासा: अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने चुराया 'आधार' डाटाबेस

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 26 , 2017 , 20:51 IST | नई दिल्ली

दुनिया भर की खुफिया जानकारी और खबरों की पोल खोलने के लिए मशहूर विकिलीक्स ने ट्वीट कर एक बड़ा खुलासा किया है। विकिलीक्स ने कहा है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंजेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने भारत के नेशनल आइडी कार्ड डाटाबेस आधार की सूचनाएं चोरी कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) ने इस साइबर जासूसी के लिए अमेरिका की टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर कंपनी क्रॉस मैच टेक्नोलॉजीज द्वारा तैयार टूल डिवाइस के जरिए आधार डेटा चुराया है। हालांकि भारत के आधिकारिक सोर्स ने इन खबरों का खंडन किया है।

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विकिलीक्स का दावा है कि इसके आधार पर वह सिक्रेट डाटा को कुछ डाटा प्रोवाइडर सिस्टम से हासिल कर सकता है। दरअसल, क्रास मैच टेक्नोलॉजी एक अमेरिकी कंपनी है जो बायोमैट्रिक साॅफ्टवेयर में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी ही भारत की महत्वाकांक्षी आधार परियोजना को नियंत्रित करने वाली एजेंसी यूआइडीएआइ बायोमैट्रिक डिवाइस सप्लाई करने वाली पहली कंपनी है।

क्रॉस मैच का भारत में ऑपरेशन स्मार्ट आईडेंटिटी डिवाइसेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ पार्टनरशिप है। इसी कंपनी ने देश भर के 1.2 मिलियन (12 लाख) भारतीयों के आधार कार्ड के लिए डाटाबेस जुटाए थे।

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विकिलीक्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर आधार डाटा चोरी किए जाने की जानकारी दी। इनके मुताबिक इस साइबर जासूसी के लिए टेक्नोलॉजी ईजाद करने वाली क्रॉस मैच वही अमेरिकी कंपनी है, जिसने आधार की रेगुलेटरी बॉडी यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) को बायोमीट्रिक टेक्नोलॉजी अवलेबल कराया है।

ट्वीट में लिखा है, 'क्या सीआईए के जासूस भारत के राष्ट्रीय पहचान डेटाबेस को चुरा चुके हैं?' कुछ देर बाद, एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'क्या सीआईए ने भारत का आधार डेटाबेस चुरा लिया है?'

विकिलीक्स ने ट्वीट में लिखा है कि ‘देखें जासूसों के हाथ में आधार’ विकिलीक्स ने इसके साथ ही एक मैगजीन में छपे आर्टिकल का लिंक भी शेयर किया है, जिसे गोविंद कृष्णन नाम के किसी शख्स ने लिखा है।

 


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