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IAF का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास, पहली बार वारगेम का हिस्सा बनेेंगी 3 महिला फाइटर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 6 , 2018 , 10:12 IST

भारतीय वायुसेना अभी तक का अपना सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है। इस रविवार से शुरू होने वाला यह वॉरगेम बड़े पैमाने पर होगा। पाक सीमा, चीन सीमा समेत पूरे देश में वायु सेना के सभी ऑपरेशनल कमांड और उनके संसाधन झोंके जाएंगे। 15 दिन चलने वाले इस अभ्यास को ‘गगन शक्ति’ नाम दिया गया है। स्वदेशी फाइटर जेट तेजस पहली बार किसी अभ्यास में हिस्सा लेगा। इसमें 5 तेजस अपने समकक्ष मिग-21 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेंगे।

गगन शक्ति की ये खासियत

तीनों महिला फाइटर पहली बार युद्धाभ्यास में शामिल

देश की तीनों महिला फाइटर-अवनि चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह अपने पहले युद्धाभ्यास में शामिल होंगी। उनकी हिस्सेदारी अलग-अलग स्तर पर होगी।

फ्लाइंग ऑफिसर अवनि ‘मिग-21’ में अकेले उड़ान भरने का इतिहास रच चुकी हैं और उनके बाद यही उपलब्धि भावना हासिल कर चुकी हैं।

Avni

1000 विमान शामिल होंगे, इनमें 600 से ज्यादा फाइटर जेट

एयरफोर्स के करीब एक हजार विमान इस अभ्यास में शामिल होंगे। इनमें 600 से ज्यादा फाइटर जेट, जैसे मिग-21, मिग-29, जैगुआर, मिराज, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस शामिल हैं। इनके अलावा स्ट्रेटेजिक परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हर्क्यूलिस, अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर सी-17 वी5 और कई अनमैन्ड एयरक्राफ्ट भी इस वॉरगेम का हिस्सा होंगे।

वॉरगेम: 15 दिन के अभ्यास के ये चार अहम हिस्से

1. रेड, ब्लू और व्हाइट फोर्स में बंटेगी वायुसेना

15 दिन तक पूरी वायुसेना रेड फोर्स, ब्लू फोर्स और व्हाइट फोर्स में बंट जाएगी। ब्लू फोर्स देश की रक्षा के लिए होगी, रेड फोर्स दुश्मन की मानी जाएगी और व्हाइट फोर्स रेफरी की भूमिका निभाएगी। इसी तरह देश को भी ‘अपने’ और दुश्मन के इलाके में बांटा जाएगा।

2. अटैक और काउंटर अटैक पर पैनी निगाह

अटैक और काउंटर अटैक को व्हाइट फोर्स रिकॉर्ड करेगी और सभी नतीजों को विश्लेषण के लिए दर्ज किया जाएगा। इन परिणामों से देखा जाएगा कि ब्लू फोर्स ने कितने कामयाब अटैक किए, दुश्मन के कितने ठिकाने तबाह किए और कितने विमानों को मार गिराया।

3. मिसाइल कहां वार करेगी, परखा जाएगा

इन सभी हमलों को ‘इलेक्ट्रॉनिक किल’ के जरिए रिकॉर्ड किया जाता है। यानी हमला बोलने का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दर्ज होता है जिसमें यह पता चलता है कि जिस प्वाइंट से मिसाइल विमान से दागी गई, अगर असली में हमला होता तो वह कहां जाकर वार करती।

4. लद्दाख से अरुणाचल तक गरजेंगे फाइटर

खासतौर से पूर्वी सेक्टर (नॉर्थ ईस्ट) पर जोर रहेगा। लद्दाख से लेकर उत्तराखंड और अरुणाचल तक फाइटर गरजेंगे। सटीक बॉम्बिंग, सर्जिकल स्ट्राइक और नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर का अभ्यास होगा।

 


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