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इस मंदिर की फर्श पर सोने मात्र से महिलाएं हो जाती हैं गर्भवती, जानिये क्या है रहस्य

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 2 , 2017 , 20:24 IST | मंडी, हिमाचल प्रदेश

आपने अब तक कई तरह के अजीबों गरीब किस्से सुने होंगे लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं वो जानकर न केवल आपको हैरानी होगी बल्कि आपके लिए उस पर यकीन करना भी मुश्किल है। भारत देश में विवाह के बाद यदि महिला कुछ वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं होती हैं तो हमारा समाज न केवल उन्हें ताने मारता है, साथ ही जादू टोने और बाबा, ओझा के पास जाने के बेफजूल हिदायत भी देता है।

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक ऐसा मंदिर है जहां फर्श पर सोने मात्र से महिलाएं गर्भवती हो जाती हैं। हम आपको बता दें कि ये मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है और इसके चमत्कारिक किस्सों के कारण इसे संतान दात्री के नाम से जाना जाता है। मंदिर में हुए चमत्कार न केवल लोगों को हैरान करता है बल्कि विज्ञान को भी हैरान किया है।

मंडी जिले के सिमस गांव में स्थित देवी के मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार निसंतान महिलाएं यदि यहाँ के फर्श पर सोएं तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि संतान प्राप्ति की इच्छा लिए सैकड़ों महिलाएं इस मंदिर में दर्शन के लिए आती हैं।

माता सिमसा मंदिर के नाम से यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यहाँ नवरात्रों के समय ढेरों दंपति संतान सुख की आशा लेकर आते हैं।

अनूठा विश्‍वास

नवरात्रों में होने वाले इस विशेष उत्सव को स्थानीय भाषा में सलिन्दरा कहा जाता है, जिसका अर्थ है स्वप्न आना। नवरात्रों में निसंतान महिलायें मंदिर परिसर में आकर निवास करती हैं और दिन रात पूजा अर्चना करते हुए मंदिर के फर्श पर ही सोती हैं। कहा जाता है जो महिलाएं माता सिमसा पर विश्‍वास करती हैंं और श्रद्धा से उनकी पूजा करती हैं माता सिमसा उन्हें स्वप्न में मानव या प्रतीक रूप में दर्शन देकर संतान का आशीर्वाद प्रदान करती है। यदि कोई महिला स्वप्न में कोई कंद-मूल या फल प्राप्त करती है तो इसका अर्थ ये माना जाता है कि उस महिला को संतान का आशीर्वाद मिल गया है। कहा तो यहां तक जाता है कि स्‍वप्‍न में ही संकेत देकर देवी सिमसा ये भी बता देती हैं कि लड़का होगा या लड़की।

अजीबो गरीब संकेत

मान्‍यता के अनुसार यदि किसी महिला को अमरुद का फल मिलता है तो वे समझ लें कि लड़का होगा, परंतु अगर किसी को स्वप्न में भिन्डी मिलती है तो बेटी होने का आर्शीवाद मिला बताया जाता है। ये भी कहा गया है कि यदि किसी महिला को धातु, लकड़ी या पत्थर की बनी कोई वस्तु प्राप्त हो तो उसे समझ जाना चाहिए कि उसके संतान नहीं होगी। 

संतान ना होने के संकेत के बाद मंदिर में रुकना वर्जित

अगर किसी महिला को संतान ना होने का संकेत मिल चुका है तो उसका मंदिर के प्रांगण में रहना मना होता है। कहते हैं कि निसंतान बने रहने का स्वप्न प्राप्त होने के बाद भी यदि कोई स्‍त्री अपना बिस्तर हटा कर मंदिर परिसर से नहीं जाती है, तो उसके शरीर में लाल-लाल दाग उभर आते हैं, जिनमें भयंकर खुजली होती है। जिसके बाद उसे मजबूरन वहां से जाना ही पड़ता है। संतान प्राप्ति का आर्शीवाद पाने वाली महिलायें संतान के जन्‍म के बाद अपने पति एवं परिवार के साथ वहां देवी का धन्‍यवाद करने भी आती हैं।


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