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World No Tobacco Day : हर दिन धुएं में तबाह होती हैं 3200 से ज्यादा जिंदगियां

आईएएनएस | 0
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| मई 31 , 2017 , 13:17 IST | नई दिल्ली

तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों के लिए यह सचेत करने वाली खबर है, क्योंकि इन उत्पादों का सेवन करने से देश में हर रोज 3288 लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं और मध्य प्रदेश में एक दिन में 250 लोग जान गंवा रहे हैं।

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तंबाकू उत्पादों का सेवन करने से होने वाली बीमारियों से हो रही मौतों को लेकर दुनिया के कई देश चिंतित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों से होने वाली बीमारियों और मौतों की रोकथाम के लिए प्रयासरत है और इसीलिए उसने वर्ष 2017 की थीम 'विकास में बाधक तंबाकू उत्पाद' रखा है।



आंकड़ों के अनुसार, एक सिगरेट जिंदगी के 11 मिनट व पूरा पैकेट तीन घंटे चालीस मिनट तक छीन लेता है। तंबाकू व धूम्रपान उत्पादों के सेवन से देशभर में प्रतिघंटा 137 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। वहीं दुनिया में प्रति छह सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (गेट्स )2010 के अनुसार, मध्यप्रदेश में 39़9 प्रतिशत करीब 1़9 करोड़ लोग किसी न किसी रुप में तंबाकू का सेवन करते हैं और इनमें से 90 हजार लोगों की मृत्यु तंबाकू से संबधित रोगों के कारण प्रतिवर्ष हो जाती है।

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भारत में 48 फीसदी पुरुष और 20 फीसदी महिलाएं किसी न किसी रूप में तंबाकू का प्रयोग करते हैं। खासतौर पर मध्यप्रदेश में 1़5 करोड़ लोग चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का प्रयोग करते है, जबकि 82 लाख लोग धूम्रपान, 25 लाख सिगरेट और 65 लाख लोग बीड़ी का सेवन करते हैं। वहीं देश की 20 प्रतिशत महिलाएं सिगरेट एवं अन्य धूम्रपान उत्पादों के सेवन का शौक रखती हैं, इनमें देश के साथ- साथ प्रदेश की शहरी व ग्रामीण महिलाएं भी इसमें शामिल हैं। गेट्स सर्वे के अनुसार, देश की दस फीसदी लड़कियों ने स्वयं सिगरेट पीने की बात स्वीकार की है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपेार्ट ग्लोबल टोबेको एपिडेमिक पर अगर नजर डालें तो पता चलता है कि महिलाओं के बीच तंबाकू का सेवन निरंतर बढ़ता जा रहा है। इनमें किशोर व किशोरियां भी शामिल हैं। जब 2010 में यह सर्वे हुआ, तब 35 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे थे और आज 2017 में यह आंकड़ा बड़े पैमाने पर बढ़ा होगा।

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किशोर उम्र के जो लड़के-लड़कियां धूम्रपान करते हैं, उनमें से 50 प्रतिशत लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित होकर मर जाते हैं। औसतन धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की आयु धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की तुलना में 22 से 26 प्रतिशत तक घट जाती है।


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