अभी-अभी

सीएम योगी ने ई-टेंडरिंग को किया अनिवार्य, ट्रांसफर नीति में भी बदलाव

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
135
| मई 2 , 2017 , 17:19 IST | लखनऊ

योगी कैबिनेट की पांचवी बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाने के साथ-साथ तबादला नीति और ई-टेंडरिंग पर निर्णय लिए गए। योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कदम उठाते हुए कठोर निर्णय लिया है। ई-टेंडरिंग को अनिवार्य लागू किये जाने के बाद अब विभागों में मिलीभगत से टेंडर दिया जाना आसान नहीं होगा।

 

इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी की बहुत बड़ी चोट माना जा रहा है। इस फैसले के लागू होने से अधिकारियों-ठेकेदारों की मिली भगत पर लगाम लग जाएगा। इससे पहले एक लाख तक के ठेके सरकारी अधिकारी बिना टेंडर के अपने चहेते ठेकेदारों को यूं ही बांट दिया करते थे। लेकिन आगे से ऐसा नहीं होगा और विभागों में ठेकेदारों की मनमानी व दबंगई भी खत्म हो जाएगी। 

योगी कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला है नई तबादला नीति पर मुहर। अब प्रदेश में कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी लंबे समय तक एक ही जिले में तैनात नहीं रहेगा। एक जगह पर जमे अफसरों और कर्मचारियों का 30 जून तक ट्रांसफर हो जाया करेगा। 

कैबिनेट की पांचवीं बैठक में जीएसटी बिल पर भी निर्णय लिया गया। केंद्र की मोदी सरकार के लाए जीएसटी बिल को यूपी में लागू करने के लिए योगी सरकार सदन में प्रस्ताव लाएगी। यानि यह तय हो गया है कि जुलाई से उत्तर प्रदेश में भी जीएसटी लागू हो जाएगा।


कमेंट करें