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सावधान: पब्लिक टॉयलेट यूज करते हैं तो हो सकता है सेक्‍सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन का खतरा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 13 , 2018 , 17:52 IST

हम जब भी घर से बाहर जाते हैं और सार्वजनिक शौचालय इस्तेमाल करना पड़ता है तो हमेशा संक्रमण का खतरा बना रहता है। क्योंकि शौचालय में मौजूद कम्मोड (टॉयलेट सीट) पर कई तरह के कीटाणु होते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि पब्लिक टॉयलेट के प्रयोग से हेपेटाइटिस ए, गोनोरिया, सिफिलिस और क्लैमिडिया जैसे संक्रमण होने की सम्‍भावना ज्‍यादा रहती है। कई लोगों को मानना है कि STI यानी सेक्‍सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन होने की वजह पब्लिक टॉयलेट सीट होते है।

क्‍या आपको लगता है कि ये वजह सही है। हालांकि दुनिया भर में हर साल सेक्‍सुअल डिसीज के मामले बढ़ते जा रहे है। हाल ही में अमेरिका में हुए एक स्‍टडी के अनुसार इस साल 20 मिलियन STI से जुड़े नए कैसेज सामने आए है। दरअसल कई शोधो में ये बात सामने आ चुकी है कि गंदा बाथरूम या पब्लिक टॉयलेट के इस्‍तेमाल से अक्‍सर महिलाओं को यूटीआई जैसी समस्‍या से गुजरना पड़ता है लेकिन कैसे टॉयलेट सीट के इस्‍तेमाल से STI की समस्‍या हो सकती है, आइए जानते है।

टायलेट सीट के वजह से?

इस बात में तो कई शक ही नहीं है कि सार्वजानिक शौचालयों या पब्लिक टॉयलेट के इस्‍तेमाल करने से यूटीआई या यूरिन ट्रेक्‍ट इंफेक्‍शन होता है लेकिन जब बात STI या सेक्‍सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन की आती है तो यहां बात अलग हो जाती है, क्‍योंकि STI टॉयलेट सीट के यूज करने से नहीं फैलता है। क्‍योंकि STI से जुड़े बैक्‍टीरिया और वायरस मानव ऊतकों से बाहर ज्‍यादा देर तक टिक नहीं पाते है। ये वायरस और बैक्‍टीरिया सिर्फ मानव अंगों के गर्माहट और नमी की वजह पनपते है और जीवित रह पाते है। STI संचारित करने वाले बैक्टीरिया और वायरस मानव शरीर के बाहर अधिकतम 10 सेकंड से ज्‍यादा जीवित नहीं रह पाते है।

सेक्‍स की वजह से?

सेक्स करना हमारे ल‍िए खाने और सोने के तरह सामान्य क्रिया है। इसलिए, किसी को भी इसके बुरे परिणामों से शर्मिंदा होने की जरुरत नहीं है क्‍योंकि STI किसी को भी हो सकता है इसलिए, सेक्‍स के दौरान सुरक्षित रहने के ल‍िए नियमित रुप से जांच परीक्षण करते र‍हे और साफ सफाई का ध्‍यान रखें। इसके अलावा पार्टनर के साथ वफादार रहें और अगर STI से जुड़ा कोई इतिहास हो तो डॉक्‍टर से समय समय पर जांच कराते रहें।

कंडोम और STI-

हालांकि सेक्‍स के दौरान कंडोम STI से बचाव करता है लेकिन ये100 प्रतिशत तक बचाव नहींकरता है। क्‍योंकि कंडोम में भी अलग अलग तरह के मेटेरियल्‍स से बने होते है। जो कंडोम जानवरों के खाल से बनकर तैयार होते है उनसे कहीं न कहीं वायरस और बैक्‍टरिया रह जाते है, जिस वजह से STI फैलने का खतरा रहता है।

प्‍यूबिक हेयर और STI -

जिन्‍हें अपने प्‍यूबिक हेयर को शेव करना बहुत ही सिरदर्द का काम लगता है उनके ल‍िए एक खुशखबरी है कि प्‍यूबिक हेयर प्राइवेट पार्ट को हेल्‍दी बनाए रखता है। एक शोध के अनुसार प्‍यूबिक हेयर नहीं बल्कि हेयर रिमूवल के तरीकों के वजह से STI की सम्‍भावना ज्‍यादा रहती है क्‍योंकि रेजर या वैक्‍स से खरोंच की वजह से सेक्‍स के दौरान चोटिल अंग पर बैक्‍टीरिया पनपने में समय नहीं लगता है।


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