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चंदा कोचर पर 'फैमिली भ्रष्टाचार' के आरोपों को ICICI ने किया खारिज, जानें पूरा मामला

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 29 , 2018 , 15:51 IST

आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ चंदा कोचर पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद का सनसनीखेज आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2008 के दिसंबर में वीडियोकॉन समूह के मालिक वेणुगोपाल धूत ने बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और उनके दो संबंधियों के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई थी।

65 करोड़ की कंपनी 9 लाख में बेची फिर इस कंपनी को 64 करोड़ का लोन दिया गया। लोन देने वाली कंपनी वेणुगोपाल धूत की थी। बाद में इस कंपनी का मालिकाना हक महज 9 लाख रुपये में उस ट्रस्ट को सौंप दिया गया, जिसकी कमान चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के हाथों में थी।

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ICICI बैंक का बोर्ड अपनी सीईओ चंदा कोचर के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। बोर्ड ने वीडियोकॉन को लोन देने के मामले में कोचर के खिलाफ छपी खबरों को 'दुर्भावनापूर्ण और बेबुनियाद' अफवाह बताया है।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में ICICI बैंक ने कहा कि बोर्ड ने लोन मंजूरी की बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की है और उन्हें सही पाया है। ICICI की तरफ से कहा गया है कि तथ्यों को देखने के बाद बोर्ड इस नतीजे पर पहुंचा है कि भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की जो अफवाहें चल रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। इस तरह की अफ़वाह आईसीआईसीआई की साख को ख़राब करने के लिए फैलाई जा रही है।'

सबसे हैरान कर देने वाली बात

दीपक कोचर को इस कंपनी का ट्रांसफर वेणुगोपाल द्वारा आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपये का लोन मिलने के छह महीने के बाद किया गया। लोन का 86 प्रतिशत 2017 में एनपीए घोषित कर दिया गया इस लोन का 86 प्रतिशत यानी लगभग 2,810 करोड़ रुपये की राशि को जमा नहीं किया गया। इसके बाद 2017 में वीडियोकॉन के अकाउंट को बैंक ने एनपीए घोषित कर दिया गया।

 


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