नेशनल

आसनसोल हिंसाः बाबुल सुप्रियो के खिलाफ FIR दर्ज, IPS अफसर से मारपीट का आरोप

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1209
| मार्च 30 , 2018 , 08:21 IST

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में तनाव की स्थिति बनी हुई है।आसनसोल जिले में पुलिस ने अशांत इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे केंद्रीय मंत्री सुप्रियो के खिलाफ FIR दर्ज की है। उत्तर आसनसोल पुलिस स्टेशन में बाबुल सुप्रियो के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसमें उनपर धारा-144 तोड़ने और एक आईपीएस अफसर पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। सुप्रियो को रोकने के दौरान पुलिस से उनकी बहस भी हुई।

खबरों के अनुसार, उत्तर आसनसोल पुलिस स्टेशन में बाबुल सुप्रियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बाबुल सुप्रियो पर धारा144 तोड़ने और एक आईपीएस अधिकारी से बदसलूकी का भी आरोप लगाया गया है।

बाबुल सुप्रियो ने दावा किया कि उनके खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज की गईं हैं जिसके बाद उन्होंने भी पुलिस के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस तरह की प्राथमिकियां दर्ज की गईं हैं, या नहीं।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय राज्य मंत्री एवं आसनसोल से सांसद सुप्रियो की कार को पश्चिम बर्धमान जिले के रेलपुर इलाके में प्रवेश से रोक दिया गया। पुलिस ने इसके लिए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। इसके बाद उनकी एक आईपीएस अधिकारी से बहस हो गई। हालांकि गुस्से से तमतमाए बाबुल अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।

इस दौरान कुछ लोगों ने मंत्री के खिलाफ कथित रूप से नारेबाजी की और उनसे तत्काल इलाका छोड़ने की मांग की। टीवी चैनलों ने उन्हें पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते हुए दिखाया है, जिन्होंने उनके वाहन को घेर लिया था। पुलिस ने पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी को भी दुर्गापुर में रोक लिया। वह भी रानीगंज जा रही थीं। विरोधस्वरूप वह धरने पर बैठ गयीं।

मंत्री सुप्रियो ने दावा किया कि केवल केंद्रीय बलों की तैनाती के जरिए इलाके में शांति बहाल की जा सकती है और स्थानीय लोगों का पुलिस पर विश्वास नहीं रह गया है। जन प्रतिनिधि होने के नाते मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में जाने का पूरा हक है और खासकर ऐसे समय जब लोग दिक्कत में हैं। यह मेरा कर्तव्य है, लेकिन पुलिस कह रही है कि मुझे इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि इलाके में धारा144 लागू है। मंत्री होने के नाते मैं नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को घटना की जानकारी देंगे। दोनों घटनाओं के बारे में पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा सूबे में सांप्रदायिक सद्भाव और शांति भंग करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब इलाके में पुलिस गश्त कर रही है तो वे रानीगंज क्यों जाना चाहते हैं? क्या वे पिछले दो दिनों की हिंसा से संतुष्ट नहीं हैं।

बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करके सामुदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया और रानीगंज की स्थिति की जानकारी देने के लिए राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की। बता दें रानीगंज में सोमवार को रामनवमी जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पुलिस उपायुक्त को एक हाथ गंवाना पड़ा। बाबुल सुप्रियो ने मामले पर गुरुवार को ट्वीट कर कहा है कि रानीगंज में लोगों पर हमला हुआ है, पुलिस के जवान जख्मी हुए हैं, ममता सरकार सिर्फ 2 दिनों से इलाके में इंटरनेट बंद करने की हिम्मत जुटा सकी है, यहां पर गलियों में गुंडे हथियार और बम निकाल रहे हैं।


कमेंट करें