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CBSE पेपर लीक : SC ने CBI जांच का निर्देश देने से किया इनकार, सभी याचिकाएं खारिज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 4 , 2018 , 13:50 IST

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई पेपर लीक मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को आज खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सीबीआई जांच का निर्देश देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सीबाआई के 12वीं के इकॉनोमिक्स के पेपर को दोबारा कराने के फैसले में दखल देने से भी इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह साफ किया कि परीक्षा के बारे में फैसला CBSE का अधिकार है। पेपर कराना है या नहीं करना, यह सीबीएसई का विशेषाधिकार है। इसके साथ ही अदालत ने पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग को भी अस्‍वीकार कर दिया।

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने फैसला किया कि सीबीएसई की 10वीं कक्षा की गणित विषय की दोबारा परीक्षा नहीं कराई जाएगी।

बता दें कि सीबीएसई पेपर लीक मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। दोबारा परीक्षा कराने और SIT जांच को लेकर याचिकाएं दाखिल की गई थीं। जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें दोबारा परीक्षा कराने का विरोध करते हुए पुरानी परीक्षा के आधार पर ही रिज़ल्ट घोषित करने की मांग की गई। इस जनहित याचिका को दीपक कंसल ने दायर किया है और पेपर लीक मामले की जांच सीबीआइ से कराए जाने की भी मांग की थी। याचिका में कंसल ने मामले की जांच सीबीआइ को देने के साथ ही तथ्यों और परिस्थितियों की गहराई से जांच करने के लिए स्पेशल हाई पावर कमेटी गठित किए जाने की भी मांग की थी।

टिप्पणियां केरल के शहर कोचीन के छात्र रोहन मैथ्यू ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की थी। दूसरी अर्जी में केरल में 10 वीं के स्टूडेंट रोहन ने अपनी अर्जी में कहा कि कोर्ट सीबीएसई के फैसले को रद्द करे और बोर्ड को हो चुकी परीक्षा के आधार पर रिजल्ट घोषित करने का आदेश करें।

रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि परीक्षा दोबारा होना छात्रों के साथ ज्यादती है। रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी बने, जो पेपर लीक मामले की जांच करे ताकि इसकी सच्चाई सामने आ सके। तीसरी अर्जी वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की है और इस पेपर लीक की सीबीआई से जांच की मांग की थी। साथ की कहा कि 12 वी कक्षा के प्रभावित छात्र को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।एक अन्य याचिका दो जुडवा बहनों ने दाखिल की है। 15 वर्षीया अनुसूया थॉमस और गायत्री थॉमस पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने याचिका में सवाल उठाए हैं कि सीबीएसई ने जुलाई में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला क्यों लिया।


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