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रास्ते में झंडा बेचना और खरीदना अपराध है? जानें इस वायरल वीडियो की सच्चाई

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 14 , 2018 , 20:25 IST

देश 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। इस दिन हर भारतीय उत्साह से भरा हुआ नजर आता है और पूरा देश देशभक्ति की भावना में सराबोर रहता है। आजादी का जश्न मनाने के लिए चारों तरफ तैयारियां जोरों-शोरों पर है। सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। बाजार सज चुके हैं,  लोगों में भी एक अलग उत्साह है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आप जब घर जाते समय ट्रैफिक सिग्नल और बाजारों से होकर गुजरते हैं तो रास्ते में बच्चों को झंडे बेचते देखते है और खरीदतें भी है। झंडे को देखकर हमें गर्व महसूस होता है, लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो पोस्ट कर रहे है जिसमें ट्रैफिक सिग्नल पर झंडे के बेचने को गलत बताया है।

वीडियो में एक बच्चे को ट्रैफिक सिग्नल पर प्लास्टिक का झंडा बेचते हुए दिखाया गया है। जिसे महिला अपने बच्चे के तिरंगा मांगने पर खरीद कर देती है। लेकिन एक दूसरी वकील महिला उन्हे सड़कों पर तिरंगा खरीदने की मना करती हैं। वो बताती है कि ये कानून अपराध है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के हिसाब से मान्यता प्राप्त ध्वज नहीं है। इस लिए इसे ट्रैफिक सिग्नल से नहीं खरीदना चाहिए। वही एक पुलिसकर्मी भी रास्ते पर झंडा खरीदने और बेचने को कानून अपराध बता रहा है।

ऐसे में न्यूज वर्ल्ड इंडिया ये सवाल पूछता है कि

  1. क्या रास्ते पर झंडा बेचना या खरीदना क्या जुर्म है?
  2. क्या रास्ते पर झंडा बेचने पर उसका अनादर होता है?
  3. किस गाइलाइन तहत रास्ते पर झंडा खरीदने और बेचने को गलत बताया गया है?

फ़्लैग कोड ऑफ इंडिया के मुताबिक झंडे को आप कही से भी खरीद सकते है। हालांकि आप तिरंगे का अपमान नहीं कर सकते, झंडे का अपमान करना कानूनी अपराध है। 

झंडे का किसी तरह से अनादर करने की स्थिति में प्रीवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नैशनल ओनर ऐक्ट, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) के तहत सजा का प्रावधान है। इस कानून में 2003 में संशोधन किया गया। इसके तहत पहली बार जुर्म करने पर 3 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

फ्लैग कोड को जानें

इंडियन फ्लैग कोड को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज के आकार और निर्माण के बारे में नियमों का उल्लेख है।

दूसरे हिस्से में आम लोग, निजी संगठनों, शैक्षिक संस्थानों द्वारा झंडा फहराने और रखरखाव आदि से संबंधित नियमों का उल्लेख है।

तीसरे हिस्से में केंद्र एवं राज्य सरकार और उनके संगठन एवं एजेंसियों द्वारा झंडा फहराने एवं इसके रखरखाव से जुड़े नियमों का उल्लेख किया गया है।


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