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चारा घोटाले के तीसरे मामले में लालू को 5 साल की जेल, 5 लाख का जुर्माना भी लगा

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 24 , 2018 , 15:27 IST

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। लालू प्रसाद को चारा घोटाले के तीसरे मामले में रांची की अदालत ने पांच साल कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

अदालत ने इस मामले में बिहार के पूर्व जगन्‍नाथ मिश्रा को भी पांच साल और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह चाईबासा कोषागार से 36.67 करोड़ की अवैध निकासी का मामला है। अदालत ने इस मामले में 56 में से 50 को दोषी करार दिया, जिसमें लालू प्रसाद यादव और जगन्‍नाथ मिश्रा भी शामिल है. अदालत ने इस मामले में छह को बरी कर दिया है।

उन्होंने इन सबके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार सीएम नीतीश कुमार का हाथ बताया है। उन्होंने कहा है कि यह सब लालू प्रसाद यादव के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। आरजेडी चीफ को चारा घोटाले के दो केस में पहले ही सजा दी जा चुकी है।

आपको बता दें लालू को चारा घोटाला के दो मामलों सजा हो चुकी है। 900 करोड़ रुपये के चारा घोटाला मामले में 69 वर्षीय लालू के खिलाफ पांच केस दर्ज हैं।

आज जिस मामले में फैसला होना है उसमें पूर्व रेल मंत्री लालू पर 1990 में चाइबासा जिला कोषागार से अवैध तरीके से 35.62 लाख रुपये की निकासी का आरोप है। जब यह निकासी हुई थी लालू उस समय मुख्यमंत्री थे।

1990 से 1994 के बीच देवघर जिला कोषागार से अवैध तरीके से 84.5 लाख की निकासी के मामले में लालू फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। उन्हें सीबीआई अदालत ने 6 जनवरी को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई थी।

लालू को चारा घोटाले के एक अन्य मामले में 30 सितंबर 2013 को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में उन्हें जमानत मिल चुकी है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर दुमका कोषागार से 3.97 रुपये और डोरंडा कोषागार से 184 करोड़ रुपये अवैध तरीके से निकासी का आरोप है। इस मामले में भी सुनवाई चल रही है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई कोर्ट चारा घोटाले की सुनवाई डे-टू-डे बेसिस पर कर रही है। झारखंड में चारा घोटाले में लालू यादव पर पांच मुकदमे दर्ज थे, जिनमें से दो पर सजा का ऐलान हो चुका है।

देवघर कोषागार से फर्जीवाड़ा करके अवैध ढंग से धन निकालने के इस मामले में लालू प्रसाद यादव एवं अन्य के खिलाफ सीबीआई ने आपराधिक षड्यन्त्र, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग आदि से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120बी, 409, 418, 420, 467, 468, 471, 477ए, 201, 511 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया था।


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