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गाड़ी चलाते समय लाइसेंस रखने का झंझट खत्म, बस करना होगा ये काम

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 10 , 2018 , 17:52 IST

ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण सर्टिफिकेट को साथ रखने की अनिवार्यता को खत्म करते हुए सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि वे इस प्रकार के सभी दस्तावेजों को डिजिलॉकर (DIGILocker)  या एमपरिवहन प्लेटफार्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक फार्म में प्रस्तुत किए जाने पर स्वीकार करें। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को कहा कि आधिकारिक प्लेटफार्मो के माध्यम से प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज ड्राइविंग परिवहन प्राधिकरणों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के बराबर माना जाएगा

सरकारी वेबसाइट digilocker.gov.in के मुताबिक, यह एक क्लाउड- आधारित प्लेटफॉर्म है जहां आप दस्तावेंजों और सर्टिफिकेट्स को डिजिटल फॉर्म में स्टोर, शेयर और वेरिफाई कर सकते हैं। सरकार ने यह ऑनलाइन सुविधा पिछले साल शुरू की थी। इसका मकसद आपके निजी और सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षित जगह प्रदान करना था। इसका इस्तेमाल कर आप अपने कागजातों की हार्ड कॉपी अपने साथ रखने से बच सकते हैं और जरूरत पड़ने पर जहां संभव हो सकेगा, इसमें लॉग इन दस्तावेज का प्रिंट आउट लेकर यूज कर सकते है।

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आदेश के मुताबिक मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार किसी भी वाहन चालक को पुलिस या अन्य अधिकृत एजेंसी द्वारा मांगने पर अपने लाइसेंस,रजिस्ट्रेशन कार्ड आदि दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होते हैं। कई बार खोने के डर से लोग इन्हें अपने पास नहीं रखते हैं,लेकिन अब वे लोग डीजी लॉकर या एम परिवहन एप पर अपने दस्तावेज सेव कर रख सकते है। जरूरत पड़ने पर इन्हें ही दिखाया जा सकता है। इस संबंध में मंत्रालय को लगातार शिकायत मिल रही थी कि केन्द्र सरकार के डीजी लॉकर और परिवहन मंत्रालय के एम परिवहन एप पर सुरक्षित रखी गई ई-कॉपी को ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग मान्य नहीं कर रहा है।

इसलिए यह आदेश दिया गया है कि चेकिंग के दौरान इसे मान्य किया जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि वाहनों के नए बीमा और बीमा रिन्युअल का डाटा भी प्रतिदिन के आधार पर वेबसाइट पर लोड किया जाए। जिससे वाहन स्वामियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। पुलिस या परिवहन विभाग द्वारा मांगे जाने पर अगर कोई वाहन चालक यह ई-कॉपी दिखाता है,तो इसे अधिकृत एजेंसी द्वारा जारी किए गए दस्तावेज की तरह ही मान्य किया जाए।


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