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...वो मंजर जब रोया था सारा देश, उन 3 गोलियों ने ली बापू की जान (पुण्यतिथि विशेष)

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 30 , 2018 , 08:30 IST

दुनिया को अहिंसा की ताकत बताने वाले मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या आज ही के दिन हुई थी। 30 जनवरी 1948 को शाम के करीब 5 बजकर 17 मिनट होने को थे, गांधी जी दिल्ली के बिरला हाउस में एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लेने जा रहे थे।

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उस दिन प्रार्थना सभा के लिए गांधी जी को पांच मिनट की देर हो गई थी। गांधी जी, आभा और मनु के कंधों पर अपना हाथ रखकर प्रार्थना सभा की ओर बढ़ रहे थे, तभी सामने से नाथूराम गोडसे आ खड़ा हुआ।

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गोडसे बापू के सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो गया, गांधी के साथ चल रही आभा ने गोडसे से कहा कि गांधी जी को पहले ही देर हो चुकी है, इसी दौरान गोडसे ने मनु को धक्का दिया और गांधी जी पर एक के बाद एक करके तीन गोलियां दाग दीं।

गांधीजी ने अपने जीवन के 12 हजार 75 दिन स्वतंत्रता संग्राम में लगाए, परंतु उन्हें आजादी का सुकून मात्र 168 दिनों का ही मिला। नाथूराम गोडसे की बंदूक से निकली तीन गोलियाँ बापू के शरीर को छलनी करती गईं।

पहली गोली- बापू के शरीर के दो हिस्सों को जोडऩे वाली मघ्य रेखा से साढ़े तीन इंच दाईं तरफ व नाभि से ढाई इंच ऊपर पेट में घुसी और पीठ को चीरते हुए निकल गई। गोली लगते ही बापू का कदम बढ़ाने को उठा पैर थम गया, लेकिन वे खड़े रहे।

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दूसरी गोली- उसी रेखा से एक इंच दाईं तरफ पसलियों के बीच होकर घुसी और पीठ को चीरते हुए निकल गई। गोली लगते ही बापू का सफेद वस्त्र रक्तरंजित हो गया। उनका चेहरा सफेद पड़ गया और वंदन के लिए जुड़े हाथ अलग हो गए। क्षण भर वे अपनी सहयोगी आभा के कंधे पर अटके रहे। उनके मुंह से शब्द निकला हे राम।

तीसरी गोली- सीने में दाईं तरफ मध्य रेखा से चार इंच दाईं ओर लगी और फेफड़े में जा घुसी। आभा और मनु ने गांधीजी का सिर अपने हाथ पर टिकाया। इस गोली के चलते ही बापू का शरीर ढेर होकर धरती पर गिर गया, चश्मा निकल गया और पैर से चप्पल भी।

जब तक किसी को कुछ समझ आता 78 साल के महात्‍मा गांधी की हत्‍या हो चुकी थी। महात्मा गांधी के आखिरी शब्द "हे राम" थे।

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बापू की मृत्यु की खबर देशभर में जंगल की आग की तरह फैल गई। अहिंसा के सबसे बड़े नायक का अस्तित्व हिंसा के जरिए मिटा दिया गया।

जानिये महात्मा् गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ अविस्मरणीय बातें:

1.महात्मा गांधी के नाम को रिकॉर्ड पांच बार नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया था।

2.महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' सबसे पहले सुभाष चंद्र बोस ने कहा था।

3.अपने पूरे जीवन में गांधी जी ने कभी कोई राजनीति पद नहीं लिया।

4.जिस अंग्रेजी सरकार के खिलाफ गांधीजी ने आंदोलन छेड़ दिया था उसी सरकार ने महात्मा गांधी की मौत 21 साल बाद उनके सम्मान में स्टैंप जारी किया।

5.महात्मा गांधी ने आइंस्टीन, हिटलर, टॉलस्टॉय जैसे दुनिया की कई बड़ी हस्तियों से मुलाकात की थी।
6.गांधी जी ने डरबन, और जॉहिनसबर्ग में फुटबाल क्लब स्थापित करने में अहम भूमिका अदा की थी।

7.दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी को 15 हजार डॉलर मिलते थे जिसकी कीमत आज लगभग 10 लाख रुपए के बराबर है, इसके बावजूद गांधी जी भारत आए।

8.महात्मा गांधी को सम्मान देने के लिए एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स गोल चश्मा भी पहनते थे।

9.बापू के नाम से हमारे देश में 53 प्रमुख सड़कें हैं, इसके अलावा विदेशों में भी उनके नाम की 48 सड़के हैं।

10.स्वतंत्रता दिवस की रात गांधी जी ने उपवास रखा था, इसी वजह से वह नेहरू जी का भाषण भी नहीं सुन पाए थे।


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