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झारखंड में भूख से बच्ची की मौत का ज़िम्मेदार कौन? केंद्र ने भेजी जांच टीम

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 18 , 2017 , 20:50 IST

कारीमाटी गांव में संतोषी कुमारी (10) की मौत मामले में केंद्र ने झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांगी है। केंद्र जांच के लिए एक टीम भेजेगी। झारखंड के मिनिस्टर सरयू राय ने कहा कि जांच में सामने आया है कि बच्ची के परिवार को राशन नहीं मिल रहा है। बता दें कि संतोषी कुमारी की मां कोयली देवी ने आरोप लगाया था कि उसका आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक नहीं था इसलिए उसे पीडीएस कोटे से राशन नहीं दिया। कोयली देवी ने कहा कि बेटी की मौत भूख की वजह से हुई है।

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कब हुई बच्ची की मौत, एडमिनिस्ट्रेशन ने क्या कहा

संतोषी कुमारी की मौत 28 सितम्बर को हो गई थी। मां ने आरोप लगाया बच्ची की मौत भूख से हुई है। डिप्टी कमिश्नर मंजूनाथ भजंत्री मंगलवार शाम कारीमाटी गांव पहुंचे। ग्रामीणों और बच्ची की फैमिली से बात की। रात में डीसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बच्ची की मौत भूख से नहीं, बीमारी से हुई थी।
उन्होंने कहा, "मैं बच्ची की बड़ी मां डहरी नायक से मिला, उन्होंने बताया कि संतोषी सिर और बदन दर्द की बात कह रही थी। आरएमपी डॉक्टर नारायण सिंह ने भी कहा कि बच्ची को मलेरिया था। चाची सुमती देवी ने भी कहा कि संतोषी को 15 दिनों से बुखार था।

विपक्ष का आरोप- सरकार नहीं, सर्कस है

पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, "ये सरकार नहीं सर्कर्स है। इससे दुखद क्या हो सकता है कि सरकार की पॉलिसी से लोग मर रहे हैं। गरीबों को अनाज नहीं मिल रहा है। गोदाम में अनाज सड़ रहा है। एक और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी बच्ची के परिजनों से मिलने कारीमाटी गांव पहुंचे। मरांडी ने कहा, "एक बच्ची भूख से तड़प-तड़पकर भात-भात कहते हुए दम तोड़ देती है और हमारे देश के पीएम और इस राज्य के सीएम एक ही राग अलाप रहे हैं कि देश बदल रहा है। आधार कार्ड नहीं बन पाने के कारण प्रशासन ने सही लोगों का नाम भी राशन कार्ड से हटा दिया है।

मंत्री बोले- चीफ सेक्रेटरी ने SC का आदेश नहीं माना

फूड मिनिस्टर सरयू राय ने कहा, "चीफ सेक्रेटरी ने डिस्ट्रिक्ट सप्लाई अफसर को निर्देश दिया था कि जिनके पास आधार ना हो, उनके राशन कार्ड हटा दिए जाएं। चीफ सेक्रेटरी को डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी से बात करनी चाहिए। चीफ सेक्रेटरी ने SC के उस आदेश को नहीं माना जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार ना होने पर किसी को राशन कार्ड से वंचित नहीं किया जा सकता।

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बच्ची की मां ने क्या आरोप लगाए थे

सिमडेगा जिले के कारीमाटी गांव में रहने वाले कोयली देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी संतोषी ने 4 दिन से कुछ नहीं खाया था। घर में मिट्‌टी का चूल्हा था, लकड़ियां थीं, लेकिन बनाने के लिए राशन नहीं था। कोयली देवी ने कहा, "28 सितंबर की दोपहर भूख की वजह से संतोषी के पेट में तेज दर्द होने लगा। उसे गांव के वैद्य को दिखाया था। संतोषी ने कहा था कि भूख लगी है, कुछ खा लूंगी तो पेट दर्द ठीक हो जाएगा। रात करीब 10 बजे बेटी भात-भात कहकर बेटी रोने लगी। उसके हाथ-पैर अकड़ गए थे। उसके बाद मैंने चाय पत्ती और नमक मिलाकर काढ़ा बनाया और बेटी को पिलाना चाहा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।"

 

 


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