लाइफस्टाइल

सूर्यषष्ठी (छठ) के दिन करें ये काम, भाग्य का मिलेगा साथ

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
5210
| नवंबर 13 , 2018 , 12:53 IST
आस्था का महापर्व छठ शुरू हो चुका है। आज शाम अस्त होते सूर्य और अगले दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है। ऐसे में इस दिन सूर्योपासना से जातक की कुडंली से सूर्य दोष का वेग कम होता है। यही नहीं जिन जातकों की कुंडली में सूर्य कमजोर हो, नीच हो या फिर पापी ग्रहों यानी राहु, केतु के साथ स्थिति हो ऐसे में सूर्य को मजबूत करने के लिए यह महापर्व काफी महत्वपूर्ण है।
 
वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह त्योहार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी और सप्तमी तिथि को मनाया जाता है और कार्तिक महीने में सूर्य अपनी नीच राशि यानी तुला में स्थित होता है। वहीं इस महीने को बीमारियों का महीना भी कहते हैं। ऐसे में इस दिन भगवान दिवाकर का पूजन, उन्हें अर्घ्य देना काफी लाभकारी होता है। साथ ही मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजन से भक्तों की हर मुराद पूरी होती है। साथ ही इससे संतान सुख, पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। यही नहीं छठी मईया के आशीर्वाद से घर बरकत होने के साथ ही सभी सदस्य निरोगी रहते हैं।
 
इस दिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ बहुत लाभकारी होता है। साथ ही इस महामंत्र से भगवान दिवाकर को अर्घ्य दें। 
 
एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। 
देहि अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर ।।
 
वहीं इसके बाद हाथ जोड़कर इस महामंत्र का पाठ करें
 
ॐ आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने। 
जन्मांतर सहस्त्रेषु दारिद्रयं नोपजायते।। 
 
जो लोग इस मंत्र का पाठ, जाप न कर सकें वो केवल  ॐ घृणि: सूर्याय नम: का पाठ, जाप करें।
 
 
 
आचार्य कमल नयन तिवारी

कमेंट करें