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3 से 4 साल के बच्चों में भी होता है डिप्रेशन, ये हैं इसके लक्षण

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 14 , 2018 , 20:32 IST

डिप्रेशन एक डिसऑर्डर है जिसका शिकार सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी हो सकते हैं। बहुत बार सामान्य जीवनशैली के बावजूद भी बच्चे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। बच्चों में डिप्रेशन का मुख्य कारण तनाव नहीं बल्कि दिमाग में केमिकल्स का बैलेंस बिगड़ना होता है। कुछ लक्षणों की मदद से पहचाना जा सकता है कि बच्चा डिप्रेशन से ग्रसित है। ऐसे में आपको बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए ताकि वे डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्या से उभर सकें। आइए जानते हैं कि बच्चों में डिप्रेशन के क्या संकेत होते हैं।

बच्चों में डिप्रेशन होने का संकेत

अगर बच्चों में भी इस प्रकार के लक्षण का पता चले तो आपको उसपर ध्यान देना चाहिए।

1. उदास रहना: डिप्रेशन के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और इस कारण बच्चे अक्सर उदास रहने लगते हैं। लंबे समय तक अगर आपका बच्चा उदास रहता है और बेवजह चिड़चिड़ा बन जाता है तो यह संकेत है कि वह डिप्रेशन का शिकार हो चुका है।

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2.वजन कम होना: डिप्रेशन के कारण रोजमर्रा की प्रक्रियाओं पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से भूख नहीं लगती और वजन कम होने लगता है। डिप्रेशन के कारण बढ़ते बच्चे आवश्यक वजन प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

3. नींद ना आना: इंसोम्निया डिप्रेशन का मुख्य लक्षण होता है। जिससे बच्चों को नींद नहीं आती है और सोने में अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर आपका बच्चा लंबे समय से नींद ना आने की परेशानी से ग्रसित है तो वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है।

4. थकान और ऊर्जा की कमी: डिप्रेशन के कारण व्यक्ति को अक्सर ऊर्जा की कमी महसूस होती है। अगर आपका बच्चा लंबे समय से थकान और ऊर्जा की कमी महसूस कर रहा है तो वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है।
5. समझने में परेशानी होना: दिमाग में केमिकल बैलेंस ना होने के कारण बच्चे को सोचने, समझने में परेशानी होती है और वह आसानी से निर्णय नहीं ले पाता है। ऐसे में बच्चे को अक्सर ध्यान लगाने में परेशानी महसूस होती है और वह किसी भी चीज का फैसला खुद से नहीं ले पाता है।

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शारीरिक लक्षण

भाग-दौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते हुए काम के दबाव ने न सिर्फ बड़ों को तनाव दिया है बल्कि बच्चे भी इस प्राॅबल्म का शिकार हुए है और धीरे-धीरे यह तनाव डिप्रैशन में बदल गया है। कुछ एेसी बातें जो बच्चों के दिमाग पर गहरा असर छोड़ देती है जिससे बच्चा धीरे-धीरे डिप्रैशन का शिकार हो जाता है। डिप्रैशन बच्चे को बहुत अकेला बना देता है।

कैसे होता है

अगर ऐसा देखा जाता है कि बच्चों को छोटी से छोटी से बात पर डाट दिया जाता हैं। बच्चों को बात-बात पर टोकना, बच्चों पर दवाब बनाना, घर का माहौल भी इसका कारण हो सकता है साथ ही अच्छी परवरिश के कारण भी हो सकता हैं।

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डिप्रेशन से निपटने का उपाय

डिप्रेशन से निपटने में अच्छी डाइट भी काफी मददगार हैः- पोषण से भरपूर खाना खाएं, जिसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ प्रोटीन और मिनरल भी भरपूर हों, जैसे कि ओट्स, गेहूं आदि अनाज, अंडे, दूध-दही, पनीर, हरी सब्जियां (बीन्स, पालक, मटर, मेथी आदि) और मौसमी फल।

जॉगिंग, स्विमिंग और आउटडोर गेम्स के जरिए तनाव को दूर किया जा सकता है। योग के जरिए भी काफी हद इस हालत से निपटा जा सकता है। इसे करने से पहले किसी योग एक्सपर्ट की सलाह लें। सूर्य प्राणायाम और कपालभाति आप कर सकते हैं। मगर ताड़ासन, कटिचक्रासन, उत्तानपादासन, भरकटासन, भुजंगासन, धनुआसन, मंडूकासन जैसे योग किसी योग्य एक्सपर्ट की देखरेख में करें।


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