बिज़नेस

4 वो अंतर्राष्ट्रीय कार ब्रांड जो भारतीय बाजार में अब नही दिखेंगे...

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2473
| फरवरी 22 , 2019 , 10:46 IST

भारतीय कार बाजार के बढ़ते स्वरुप के चलते यहां आज कई विदेश कंपनियां अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहे हैं, किन्तु ऐसी भी कुछ अंतरराष्ट्रीय कार कंपनि‍यां रही हैं जो भारत में आने के बाद ज़्यादा दि‍नों तक टीक नहीं पाईं। इन कंपनि‍यों की रणनीतियां भारत में कामयाब नहीं रहीं और उन्हें यहां अपने ओप्रेशन्स बंद करने पड़े।

आज इस सेगमेंट में हम ऐसे अंतराष्ट्रीय ब्रांड के बारे में बात करेंगे जो भारत में अब खत्म हो चुकी है, यानि इन्होंने कारों का निर्माण बंद कर दिया है। इनमें शेवरले, फिएट, डेवू और ओपल मुख्य हैं।

1-शेवरले

सबसे पहले बात करते हैं जनरल मोटर्स के शेवरले की। शेवरले ब्रांड के घटते प्रशिद्धि और मांग के चलते कंपनी को इसे 2017-18 में बंद करना पड़ा। कंपनी ने भारतीय बाजार से विदाई ले ली। साल 2015 में जनरल मोटर्स कंपनी ने जहां 51,839 गाड़ियां बेचीं, वहीं, साल 2016 में बिक्री का आंकड़ा घटकर 32,540 रह गया। भारत में जनरल मोटर्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार शेवरले बीट रही।

1_NWi

शेवरले क्रुज़े ने भारत में काफी बिक्री देखी थी, और वह अभी भी अमेरिका जैसे देशों में काफी प्रचलित है। इसी दौरान जनरल मोटर्स ने 31 दिसंबर 2017 से भारत में शेवरले कारों की बिक्री पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की है। इनके अलावा शेवरले सेल और शेवरले युवा जैसी कारों ने भी कार बाजार पर ख़ासा अच्छा असर डाला, लेकिन शेवरले बाजार में ज्यादा टिक नहीं पाई।

2-फिएट

शेवरले ब्रांड के बाद, दुनिया की बड़ी कार निर्माता में शामिल इटैलियन कार कंपनी फिएट भी भारत को अलविदा कह चुकी है। गौरतलब है की दिसंबर 2017 से लेकर नवंबर 2018 तक फिएट ने केवल 101 कारें ही बेची हैं।

2Nwi

देश में जहाँ फिएट लीनिया और पुंटो की बिक्री काफी लंबे वक्त से होती रही है, वहीं दोनों ही वाहनों में फिएट ने ख़ास कोई अपडेट नहीं किया था जिसके चलते इन कारों को कभी भारतीय बाजार में उतना पसंद नहीं किया गया अन्य ब्रांड की कारों को किया गया।

फिएट-क्रिसलर ने 2016 में अपने जीप ब्रांड ग्रांड चेरोकी और रैंगलर को भारतीय बाजार में उतारा था। वहीं 2017 में नई जीप कंपास को लॉन्च किया था, जो जल्द ही कार बाजार में छा गई। फिएट को दोबारा से खड़ा करने के लिए कंपनी को नए ब्रांड की कारों को भारत में स्थापित करने के लिए कंपनी को लेटेस्ट मॉडल्स लॉन्च करने होंगे और इसके लिए कंपनी को पहले से मौजूद कारों को बंद करना होगा।

3-ओपल


जीएम इंडि‍या ने साल 2006 में अपने ओपल डि‍वि‍जन को बंद कर दि‍या था। इसे शेवरले से रि‍प्लेलस कि‍या था। ओपल ब्रांड के तहत 2003 में फ्रॉस्टमर लॉन्च हुई थी। इसके बाद, कंपनी ने ओपट्रा एसआर-वी एवि‍यो को लान्च कि‍या था। हालांकि‍, ये ब्रांड्स भारत में अपनी जगह नहीं बना पाए। आखिर में कंपनी को इन्हें बंद करना पड़ा।

3Nwi

4-डेवू


कोरि‍या की कार कंपनी डेवू को भारतीय मार्केट में कई चुनौति‍यों का सामना करना पड़ा। कंपनी की ओर से भारत में सबसे पहले Cielo को लॉन्च कि‍या। इसके बाद कंपनी ने छोटी कार मटि‍ज को लॉन्च कि‍या जो काफी सफल हुई। हालांकि‍, इसकी सेल ज्यादा समय तक नहीं टि‍क पाई।

2002 में जीएम इंडि‍या ने डेवू को खरीद लि‍या। 2002 के बाद से कोई भी नई डेवू कार लॉन्च नहीं हुई।

4Nwi




कमेंट करें