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लीबिया में विद्रोहियों के साथ हिंसक झड़प के बीच 400 कैदी फरार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 3 , 2018 , 09:41 IST

लीबिया की राजधानी त्रिपोली की आइन जारा जेल से रविवार को 400 कैदी फरार हो गए। लीबिया के न्याय विभाग के न्यायिक पुलिस विभाग के मुताबिक, सरकारी बलों और लड़ाकों के बीच संघर्षो के बीच कैदी जेल से भाग गए। न्यायिक पुलिस विभाग ने जारी बयान में कहा, "आइन जारा जेल में कैदियों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिस बीच 400 कैदी भागने में कामयाब रहे।"

बयान के मुताबिक, "कैदी जेल के दरवाजे खोलने में कामयाब रहे।" आइन जारा दक्षिणी त्रिपोली में स्थित है, जहां इस तरह की हिंसक वारदातें होती रही हैं। आइन ज़ारा जेल में रखे गए अधिकतर क़ैदियों को लीबिया के पूर्व नेता मुअम्मर गद्दाफ़ी का समर्थक माना जाता है। साल 2011 में गद्दाफ़ी की सरकार के ख़िलाफ़ हुए विद्रोह में इन्हें लोगों की हत्या करने का दोषी पाया गया था।

एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षाकर्मी, कैदियों को फरार होने से नहीं रोक पाए क्योंकि उन्हें अपनी जान का भय था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से सम्पर्क किया गया, लेकिन वह कोई जानकारी नहीं मुहैया करा पाए। फरार होने वाले अधिकतर कैदी या तो आम अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए थे या वे पूर्व तानाशाह मोअम्मर कज्जाफी के समर्थक थे।

कज्जाफी को 2011 में हुए उस विद्रोह के दौरान हत्याओं का दोषी पाया गया था जो उनके शासन के खिलाफ हुआ था। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक आंकड़े के अनुसार त्रिपोली के दक्षिणी उपनगरीय क्षेत्रों में सोमवार को प्रतिद्वंद्वी मिलीशिया के बीच हुए संघर्ष में कम से कम 39 लोग मारे गए हैं और करीब 100 घायल हुए हैं।

आपातकाल  सेवाओं और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार को त्रिपोली में विस्थापितों के एक शिविर पर रॉकेट दागे गए थे जिसमें कम से कम दो व्यक्तियों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए।

आपातकालीन सेवा और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार को राजधानी त्रिपोली के रिहायशी इलाके में हुए एक रॉकेट हमले में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। विद्रोही गुटों के बीच जारी गोलीबारी के बीच हज़ारों की संख्या में लोग अपने घरों से पलायन कर गए हैं।

पिछले कुछ दिनों में त्रिपोली में जारी हिंसा में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है, इसमें कई आम नागरिक भी शामिल हैं। लीबिया में आमतौर पर संयुक्त राष्ट्र समर्थिक सरकार सत्ता में रहती है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्से पर चरमपंथी गुटों का नियंत्रण है।

क्यों हुई हिंसा...?

पिछले हफ्ते हिंसा तब शुरू हुई जब चरमपंथियों ने त्रिपोली के दक्षिणी इलाके में हमला किया। इसके बाद उनका स्थानीय सरकार समर्थित चरमपंथी गुटों से संघर्ष चल रहा है। लीबिया की राष्ट्रीय साझा सरकार यानी जीएनए ने हिंसक झड़पों को देश की राजनीतिक स्थिरता को खत्म करने का प्रयास बताया है और कहा है कि वो इन झड़पों पर चुप नहीं रह सकती क्योंकि ये राजधानी की सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।


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