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अलवर में गोरक्षकों का तांडव, मुस्लिम परिवार से छीनी 51 गायें, तड़प रहे हैं बछड़े

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 15 , 2017 , 15:32 IST

देश में गौरक्षकों का खौफ बढ़ता जा रहा है और गौरक्षकों की गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है। गौरक्षकों की गुंडागर्दी की एक और तस्वीर सामने आयी है। घटना राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ बास थाना क्षेत्र की है जहां पुलिस और हिंदूवादी संगठनों की मिलीभगत से एक मुस्लिम परिवार से जबरदस्ती 51 गायों को छीनकर गोशाला पहुंचानो का मामला सामने आया है। घटना के 11 दिन बाद भी मुस्लिम गोपालक को उनकी गायें वापस नहीं दी जा रही हैं।

बता दें कि घटना अलवर जिले के किशनगढ़ बास थाना क्षेत्र के अंतर्गत साहूबास गांव की है। 3 अक्टूबर को गांव के मुस्लिम गोपालक सुब्बा मेव और उनकी पत्नी से हिन्दूवादी संगठन के लोगो द्वारा पुलिस से मिलीभगत कर गौतस्कर बताकर जबरस्ती 51 से अधिक गायों को छीनकर ले गए। ऐसे में दुधारू गायों के बछड़े अपनी मां के दूध के इंतजार में कई दिनों से भूख प्यास से तड़प रहे हैं।

इस मामले में पीड़ित मुस्लिम किसान और गोपालक प्रशासन और पुलिस से गायों को वापस दिलाने की गुहार कर चुका है। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। फिलहाल परिवार के लोग गायों की गैर मौजूदगी में बछड़ों को सीसी से दूध पिला रहे हैं।
पीड़ित मुस्लिम परिवार ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता की मौजूदगी में गायों को जबरन ले जाया गया। इसलिए किशनगढ़ बास पुलिस दबाव में हमें गौतस्कर साबित करने में जुटी हुई है।

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जिला मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद ने बताया कि अलवर जिले में मुस्लिम परिवारों को गौपालन मुश्किल हो रहा है। जबरन लोगों को गौतस्कर साबित करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने थानाधिकारी को भी निलंबित करने की मांग की है।

वहीं थानाधिकारी चांद सिंह राठौड़ ने बताया कि गांव वालों ने ही गायों को गौशाला में जमा करवाई है, पुलिस का इसमें कोई रोल नहीं है। इस बीच ग्रामीणों ने एसडीएम किशनगढ़बास को मेजरनामा दिया है कि सुब्बा किसान ओर गोपालक है गोकशी का काम नहीं करता है, उनका परिवार बरसों से गाय पालता आ रहा है। 


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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