नेशनल

मेरठ: अतिक्रमण हटाने को लेकर भड़की हिंसा, 100 से ज्यादा झुग्गियों को किया आग के हवाले

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1774
| मार्च 7 , 2019 , 11:11 IST

मेरठ में बुधवार की शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर हिंसा भड़क उठी। सरकारी टीम और भीड़ के बीच संघर्ष के दौरान कैंट बोर्ड और पुलिस के वायरलेस लूटने की घटना भी सामने आई है। वहीं इस भड़की हिंसा में 100 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान आग की चपेट में आकर धार्मिक स्थल भी जल गया। भीड़ ने दिल्ली रोड पर रोडवेज बसों और निजी वाहनों में तोड़फोड़ व जमकर लूटपाट की।

वहीं एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक कैंट बोर्ड की टीम और सदर थाना पुलिस भूसा मंडी में इकराम का अवैध रूप से बनाया गया मकान तोड़ने गई थी। कार्रवाई हो चुकी थी। इसी दौरान एक दर्जन महिलाओं ने पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम का विरोध किया। पथराव के साथ सदर थाने के फैंटम सिपाही सतेंद्र कुमार से मारपीट कर वायरलेस सेट, मोबाइल और असलहा छीन लिया। इसकी जानकारी लगने पर सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और सात लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद लाठी फटकारकर भीड़ को खदेड़ा गया। इस घटना के बाद  मामला शांत हो गया था लेकिन करीब दस मिनट बाद फिर से भीड़ ने हंगामा करते हुए पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम से मारपीट की और पथराव भी किया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने पुलिस की देख-रेख में झुग्गियों में आग लगाई है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बस्ती में मौजूद 100 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ी और मकान आग की चपेट में आ गए। घरों में रखे कई सिलेंडर तेज आवाज से फट गए। इससे भगदड़ मच गई। घरों में बंधे कई पालतू पशु जलकर मर गए। उसके बाद भीड़ ने पुलिस और अन्य बाहरी लोगों को बस्ती में नहीं घुसने दिया। भीड़ आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी जबकि पुलिस ने बताया कि अतिक्रमण की कार्रवाई रोकने के लिए भीड़ में ही कुछ युवकों ने कूड़े में आग लगाई थी।

बाद में डीएम और एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभाला लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ हैं। वहीं डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में हैं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आसपास के जिलों से दमकल वाहन बुलाकर आग पर काबू किया जा रहा है। घटना के लिए जांच टीम गठित कर दी गई है।


कमेंट करें