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Agusta Westland: डोभाल ने संभाली थी 'यूनिकॉर्न' की कमान, यूं भारत लाया गया मिशेल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 5 , 2018 , 10:47 IST

अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल को आखिरकार लंबी कोशिशों बाद भारत लाया गया है। मिशेल को दुबई से सीधे दिल्ली लाया गया और उसके बाद सीधे सीबीआई हेडक्वार्टर ले जाया गया। पूरी रात मिशेल को सीबीआई हेडक्वार्टर में रखा गया।

डोभाल से संभाली 'यूनिकॉर्न' की कमान

क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाने के लिए एक बेहद गुप्त ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन का नाम 'यूनिकॉर्न' रखा गया था, जिसकी बागडोर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हाथों में थी। इस ऑपरेशन को इंटरपोल और सीआईडी ने मिलकर चलाया। सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर साई मनोहर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल पिछले हफ्ते मिशेल को लाने दिल्ली से गया था। जांच दल ने प्रत्यर्णण की सारी औपचारिकताएं पूरी कर मिशेल को वापस लाने में सफलता हासिल की।

2017 में दुबई में हुआ था गिरफ्तार

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में क्रिश्चियन मिशेल की भारतीय जांच एजेंसियों को काफी समय से तलाश थी। 57 साल के मिशेल को फरवरी 2017 में दुबई में गिरफ्तार कर लिया था। इंटरपोल ने उसके खिलाफ 25 नवंबर 2015 में रेड नोटिस जारी किया था। दुबई में गिरफ्तारी के बाद 19 मार्च 2017 को भारत ने उसके प्रत्यर्पण करने की मांग की थी।

क्या है मामला ?

क्रिश्चियन मिशेल पर सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में कथित घोटाले के सह आरोपियों में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। इसके तहत वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की उड़ान भरने की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करने का आरोप है।

भारत सरकार ने 8 फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगुस्टा वेस्टलैंड इंटरनैशनल लिमिटेड को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि मिशेल अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर्स का 'ऐतिहासिक परामर्शदाता' बताया जाता है जिसे हेलिकॉप्टर, सैन्य अड्डों और पायलटों की तकनीकी संचालनात्मक जानकारी थी।


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